Panna Lal Noor

Panna Lal Noor

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Panna Lal Noor shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Panna Lal Noor's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
वोजोतुमनेग़मदियाथामुझेसाज़गारहोता
अगरइतनाऔरहोताकिवोउस्तुवारहोता
तिरीबे-रुख़ीकेसदक़ेमुझेगयाहैजीना
तोरूठताज़ालिममुझेग़मसेप्यारहोता
शब-ओ-रोज़केनज़ारेयेकरिश्मेंरंग-ओ-बूके
येतिलिस्मतोड़देताअगरइख़्तियारहोता
उसेवक़्फ़-ए-ख़ाककरकेकियाख़ूबतूनेवर्ना
येवोज़र्राथाकिउठतातोफ़लकपेबारहोता
कभीएकबारभीतोमिरातज़्किराचमनमें
ब-ज़बान-ए-गुलहोताब-ज़बान-ए-ख़ारहोता
लोसुनोकिअबज़मानातुम्हेंकहरहाहैक्याकुछ
यहीमैंजोअर्ज़करतातुम्हेंनागवारहोता
मिरेपास-ए-ज़ब्त-ए-ग़मकोहुआपसंदवर्ना
मुझेक़रारहोतातुम्हेंक़रारहोता
अरे'नूर'कौनसुनतातिराउज़्र-ए-बे-गुनाही
तूगुनाहभीकरतातोगुनाहगारहोता
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Panna Lal Noor
छुपीहुईकहींसज्दोंमेंसर-कशीतोनहीं
येमेरीरस्म-ए-इबादतभीबंदगीतोनहीं
बग़ैरवज्हयेसाक़ीकीबे-रुख़ीतोनहीं
मैंसोचताहूँकहींकुछख़ताहुईतोनहीं
मैंमुतमइनहूँमगरसिर्फ़येबतादीजे
येग़मजोआपनेबख़्शाहैआरज़ीतोनहीं
सभीकेदिलमेंमोहब्बतकीआगहोतीहै
सभीकोरासभीआएयेलाज़मीतोनहीं
अजलकाचेहरानज़रआएकुछबंधेढारस
रह-ए-हयातमेंइतनीभीरौशनीतोनहीं
तसव्वुरातमेंकुछदेरखोतोजाताहूँ
मगरअबइनमेंभीअगलीसीदिलकशीतोनहीं
चमनवहीहैबहारेंवहीहैंगुलभीवही
मगरगुलोंमेंवोख़ुशबूवोताज़गीतोनहीं
हरएकचीज़नज़रआतीहैउदासउदास
कहींयेमेरेहीएहसासकीकमीतोनहीं
येसारेरंजब-क़ैद-ए-हयातहीतोनहीं
हयातमेरीकोईउम्रख़िज़रकीतोनहीं
किसीपेबरसेकोईबूँदबूँदकोतरसे
येऔरजोभीहोसाक़ीकीमुंसिफ़ीतोनहीं
कभीजो'नूर'कोईरिश्ता-ए-वफ़ाटूटे
येदेखलेनाकिआँखोंमेंकुछनमीतोनहीं
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Panna Lal Noor
वोएकलम्हाजिसेजावेदाँकहाजाए
मिलेतोहासिल-ए-उम्र-ए-रवाँकहाजाए
उन्हींसेरूहकोफ़रहतउन्हींसेदिलकोक़रार
वोहादसातजिन्हेंजाँ-सिताँकहाजाए
इसीमेंचंदमोहब्बतकेदिनभीशामिलहैं
तमामउम्रकोक्यूँराएगाँकहाजाए
मिरेनसीबमेंलिखेजासकेतुमसे
वोचारतिनकेजिन्हेंआशियाँकहाजाए
मिरेहुजूम-ए-तमन्नाकीआख़िरीमंज़िल
बसएकमर्गजिसेना-गहाँकहाजाए
अदा-ए-तमकनत-ए-हुस्नकातक़ाज़ाहै
हरइकसितमपेउन्हेंमेहरबाँकहाजाए
हरएकक़तरेमेंसौसौहिकायतेंहोंगी
हज़ारदीदा-ए-तरबे-ज़बाँकहाजाए
हरीम-ए-दिलमेंकहींरहगईख़लिशबनकर
किसीकीयादजिसेनीश-ए-जाँकहाजाए
हमारेअश्कहीजब'नूर'रखसकेभरम
फिरऔरकिसकोभलाराज़दाँकहाजाए
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Panna Lal Noor
गुलोंनेमुस्कुरानेकीसज़ापाईतोक्याहोगा
सज़ा-ए-गुलपेग़ुंचोंकोहँसीआईतोक्याहोगा
कहींबेदाद-ए-गुलचींसेपरेशाँहोकेग़ुंचोंने
गुलिस्ताँमेंखिलनेकीक़समखाईतोक्याहोगा
येमेरेअश्कमेरेराज़-दाँहैंमुझसेकहतेहैं
अगरहोभीगईबिल-फ़र्ज़रुस्वाईतोक्याहोगा
येना-मुम्किननहींमिलजाएँदोइकजाममाँगेसे
मगरयेतिश्नगीफिरभीमिटपाईतोक्याहोगा
मिरीजानिबसेराज़इफ़्शाहोगाहैयक़ींमुझको
सर-ए-महफ़िलवोचश्म-ए-नाज़शर्माईतोक्याहोगा
अभीतोअज़्म-ए-तर्क-ए-बादा-नोशीहैख़ुदाजाने
कभीतौबामिरीशीशेसेटकराईतोक्याहोगा
दु'आथीआएँवोयाफिरक़ज़ाआएवोकहतेहैं
कहींअबउनसेपहलेहीक़ज़ाआईतोक्याहोगा
अभीतोहैशिकायत'नूर'कोउनकेतग़ाफ़ुलसे
मगरख़ुदउसकेजज़्बोंमेंकमीआईतोक्याहोगा
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Panna Lal Noor
ज़िंदगीकोएकरंगींदास्ताँसमझाथामैं
ज़िंदगीबार-ए-गराँहैयेकहाँसमझाथामैं
हाँवहीआँसूटपककरकितनारुस्वाकरगए
जिनकोअपनाराज़दार-ए-बे-ज़बाँसमझाथामैं
उनकादामनथामकरकितनेदरख़्शाँहोगए
मेरेवोआँसूकिजिनकोराएगाँसमझाथामैं
अल्लाहअल्लाहउनकेपाएनाज़काहुस्न-ए-ख़िराम
रहगुज़रथीउनकीजिसकोकहकशाँसमझाथामैं
तह-ब-तहज़ुल्म-ओ-सितमकीइकरिदा-ए-नील-गूँ
खींचदीसरपरजिसेहफ़्तआसमाँसमझाथामैं
अजीबशख़्सथामंसूरसोचताहूँमैं
किदेकेसरभीपुकाराकियाख़ुदाहूँमैं
सैर-गाहमेरीक़याम-गाहयहाँ
भटककेहद्द-ए-तअ'य्युनमेंगयाहूँमैं
ख़िरदकीसारीहदेंपारहोगईंफिरभी
किसीपेयेखुलाआजतककिक्याहूँमैं
सुनाहैजबसेहरइकशयमेंतेराजल्वाहै
बड़ेग़ुरूरसेआईनादेखताहूँमैं
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Panna Lal Noor
ग़ज़लकहीहैहदीस-ए-ग़म-ए-जहाँकीतरह
सुनेंगेलोगइसेअपनीदास्ताँकीतरह
फ़रेबदेताहूँदुनियाकोइंकिसारीका
मैंअपनेआपमेंफैलाहूँआसमाँकीतरह
क़दमक़दमपेज़िया-बारियाँमआ'ज़-अल्लाह
येरहगुज़रहैकिफैलीहैकहकशाँकीतरह
येगुलतोगुलहैंचमनकोबेचदेंज़ालिम
जोरूपअपनाबनाएहैंबाग़बाँकीतरह
ज़रूरसाज़िश-ए-कलक-ए-अज़लथीकुछइसमें
पड़ाहूँएकतरफ़हर्फ़-ए-राएगाँकीतरह
कहाँथामेरानशेमनमैंसबसेपूछआया
किसीकाघरजलेमेरेआशियाँकीतरह
टटोललेनाज़राउनकीआस्तीनेंभी
जोतुमसेहाथमिलातेहैंराज़-दाँकीतरह
वोजिनकाराज़-ए-मोहब्बतथाबे-नियाज़हुए
हमउनकाराज़छुपाएहैंअपनीजाँकीतरह
कोईतोजानपेखेलेहैबनकेपरवाना
जलाकरेहैकोईशम्अ-ए-बे-ज़बाँकीतरह
मिलेतोक़ाफ़िलेसौसौशिकस्ता-पाथेहमीं
उठउठकेबैठगएगर्द-ए-कारवाँकीतरह
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Panna Lal Noor