gulon ne muskuraane ki saza paai to kya hogaa | गुलों ने मुस्कुराने की सज़ा पाई तो क्या होगा

  - Panna Lal Noor
गुलोंनेमुस्कुरानेकीसज़ापाईतोक्याहोगा
सज़ा-ए-गुलपेग़ुंचोंकोहँसीआईतोक्याहोगा
कहींबेदाद-ए-गुलचींसेपरेशाँहोकेग़ुंचोंने
गुलिस्ताँमेंखिलनेकीक़समखाईतोक्याहोगा
येमेरेअश्कमेरेराज़-दाँहैंमुझसेकहतेहैं
अगरहोभीगईबिल-फ़र्ज़रुस्वाईतोक्याहोगा
येना-मुम्किननहींमिलजाएँदोइकजाममाँगेसे
मगरयेतिश्नगीफिरभीमिटपाईतोक्याहोगा
मिरीजानिबसेराज़इफ़्शाहोगाहैयक़ींमुझको
सर-ए-महफ़िलवोचश्म-ए-नाज़शर्माईतोक्याहोगा
अभीतोअज़्म-ए-तर्क-ए-बादा-नोशीहैख़ुदाजाने
कभीतौबामिरीशीशेसेटकराईतोक्याहोगा
दु'आथीआएँवोयाफिरक़ज़ाआएवोकहतेहैं
कहींअबउनसेपहलेहीक़ज़ाआईतोक्याहोगा
अभीतोहैशिकायत'नूर'कोउनकेतग़ाफ़ुलसे
मगरख़ुदउसकेजज़्बोंमेंकमीआईतोक्याहोगा
  - Panna Lal Noor
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