vo ek lamha jise jaavedaan kaha jaa.e | वो एक लम्हा जिसे जावेदाँ कहा जाए

  - Panna Lal Noor
वोएकलम्हाजिसेजावेदाँकहाजाए
मिलेतोहासिल-ए-उम्र-ए-रवाँकहाजाए
उन्हींसेरूहकोफ़रहतउन्हींसेदिलकोक़रार
वोहादसातजिन्हेंजाँ-सिताँकहाजाए
इसीमेंचंदमोहब्बतकेदिनभीशामिलहैं
तमामउम्रकोक्यूँराएगाँकहाजाए
मिरेनसीबमेंलिखेजासकेतुमसे
वोचारतिनकेजिन्हेंआशियाँकहाजाए
मिरेहुजूम-ए-तमन्नाकीआख़िरीमंज़िल
बसएकमर्गजिसेना-गहाँकहाजाए
अदा-ए-तमकनत-ए-हुस्नकातक़ाज़ाहै
हरइकसितमपेउन्हेंमेहरबाँकहाजाए
हरएकक़तरेमेंसौसौहिकायतेंहोंगी
हज़ारदीदा-ए-तरबे-ज़बाँकहाजाए
हरीम-ए-दिलमेंकहींरहगईख़लिशबनकर
किसीकीयादजिसेनीश-ए-जाँकहाजाए
हमारेअश्कहीजब'नूर'रखसकेभरम
फिरऔरकिसकोभलाराज़दाँकहाजाए
  - Panna Lal Noor
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy