hone ko to khilqat men tiri honge jahaan aur | होने को तो ख़िल्क़त में तिरी होंगे जहाँ और

  - Panna Lal Noor
होनेकोतोख़िल्क़तमेंतिरीहोंगेजहाँऔर
परतेरायेदरछोड़केजाऊँमैंकहाँऔर
येदैरसेबद-ज़नवोगुरेज़ाँहैहरमसे
जैसेकिहक़ीक़तहोयहाँऔरवहाँऔर
रहजाएफिरशिकवा-ए-बेदादकाइम्काँ
सीनाजोहुआचाकतोकटजाएज़ियाँऔर
हमकौनहैंक्याहैंयेनहींजानतेख़ुदभी
हमसाभीकोईहोगाभलाहेच-मदाँऔर
तक़लीदतबीअ'तकोगवारानहीं'नूर'
चलताहूँबनाताहुआख़ुदअपनेनिशाँऔर
  - Panna Lal Noor
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