येमतकहोकिभीड़मेंतन्हाखड़ाहूँमैं
टकराकेआबगीनेसेपत्थरहुआहूँमैं
आँखोंकेजंगलोंमेंमुझेमतकरोतलाश
दामनपेआँसुओंकीतरहआगयाहूँमैं
यूँँबे-रुख़ीकेसाथनमुँहफेरकेगुज़र
ऐसाहब-ए-जमालतिराआइनाहूँमैं
यूँँबारबारमुझकोसदाएँनदीजिए
अबवोनहींरहाहूँकोईदूसराहूँमैं
मेरीबुराइयोंपेकिसीकीनज़रनहीं
सबयेसमझरहेहैंबड़ापारसाहूँमैं
वोबे-वफ़ासमझताहैमुझकोउसेकहो
आँखोंमेंउसकेख़्वाबलिएफिररहाहूँमैं