main ne socha hi nahin mar ke kidhar jaaunga | मैं ने सोचा ही नहीं मर के किधर जाऊँगा

  - Panna Lal Noor
मैंनेसोचाहीनहींमरकेकिधरजाऊँगा
मैंतोमानिंद-ए-सबायाँसेगुज़रजाऊँगा
सैर-ए-गुलशनकायेअंजामकहाँसोचाथा
लेकेइसबज़्मसेइकज़ख़्म-ए-जिगरजाऊँगा
जबसेमानूसतिरेग़मसेहुआहूँदोस्त
ऐसालगताहैकिहरग़मसेगुज़रजाऊँगा
हुस्नकीआँचदोइश्क़ज़दादिलकोमिरे
नक़्श-ए-पोशीदाकीमानिंदउभरजाऊँगा
येभूलेंमिरीहस्तीकोमिटानेवाले
मेरीफ़ितरतहैसँवरनामैंसँवरजाऊँगा
  - Panna Lal Noor
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