क्यातुमकोइलाज-ए-दिल-ए-शैदानहींआता
आताहैपरइसतरहकिगोयानहींआता
होजातीथीतस्कीनसोअबफ़र्त-ए-अलमसे
इसबातकोरोतेहैंकिरोनानहींआता
तुमहोकितुम्हेंवादा-वफ़ाईकीनहींख़ू
मैंहूँकिमुझेतुमसेतक़ाज़ानहींआता
हैपासयेकिसकीनिगह-ए-महव-ए-हयाका
लबतकजोमिरेहर्फ़-ए-तमन्नानहींआता
उनकीनिगह-ए-मस्तकेजल्वेहैंनज़रमें
भूलेसेभीज़िक्र-ए-मय-ओ-मीनानहींआता
शोख़ीसेवोमाना-ए-सितमपूछरहेहैं
अबलफ़्ज़-ए-जफ़ाभीउन्हेंगोयानहींआता
मैंदर्दकीलज़्ज़तसेरज़ा-मंदहूँ'हसरत'
मुझकोसितम-ए-यारकाशिकवानहींआता