Mahboob Khan Raunaq

Mahboob Khan Raunaq

@mahboob-khan-raunaq

Mahboob Khan Raunaq shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Mahboob Khan Raunaq's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

4

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
संग-दिलहैअसरउसपेहोगानहींक़िस्सा-ए-ग़मसुनानेसेक्याफ़ाएदा
कमतोहोतीनहींसोज़िश-ए-ज़िंदगीआँसूओंमेंनहानेसेक्याफ़ाएदा
राज़रखतेहोक्यूँसाफ़फ़रमाइएदिलकीबातेंछुपानेसेक्याफ़ाएदा
आसदेदेकेमायूसकरतेहोक्यूँयूँँकिसीकोसतानेसेक्याफ़ाएदा
अपनीतिश्ना-लबीकीशिकायतनहींयेतोसाक़ी-गरीकीभीतौहीनहै
मय-कशीकातक़ाज़ासमझिएज़राक़तरा-क़तराचखानेसेक्याफ़ाएदा
ख़ौफ़-ए-सय्यादहैबिजलियोंकाहैडरना-मुवाफ़िक़हवाहैफ़ज़ापुर-ख़तर
जबमुख़ालिफ़हैइतनेज़मींआसमाँफिरनशेमनबनानेसेक्याफ़ाएदा
आमद-ए-फ़स्ल-ए-गुलहोमुबारकतुम्हेंअहल-ए-गुलशनमगरयेतोफ़रमाइए
जोकिसीकेगलेकीज़ीनतबनेऐसीकलियाँखिलानेसेक्याफ़ाएदा
चाँदनीकीतरहवजह-ए-फ़रहतबनेहुस्नसेकुछज़िया-ए-मोहब्बतमिले
बर्क़बनकरजलादेजोदुनियामिरीऐसाजल्वादिखानेसेक्याफ़ाएदा
राज़इसमेंनहींकोईइसकेसिवामैंजोख़ामोशहूँ'रौनक़'-ए-बे-नवा
जिससेफ़रियादहैवोतोसुनतानहींफिरजहाँकोसुनानेसेक्याफ़ाएदा
Read Full
Mahboob Khan Raunaq
क्यासितमहैकिसितमहमपेवोकरजातेहैं
अपनेसाएसेजोतन्हाईमेंडरजातेहैं
लौटकेआनाहीपड़ताहैउन्हेंसैंकड़ोंबार
तेरेकूचेसेजोइकबारगुज़रजातेहैं
ग़मकेमारोंकोभीआतीहैकभीख़ुदपेहँसी
कभीसहरामेंभीकुछफूलबिखरजातेहैं
यादरहजातेहैंअहबाबकेकुछलुत्फ़-ओ-करम
दिनमुसीबतकेबहर-हालगुज़रजातेहैं
पारसाईजताओकियेहैमय-ख़ाना
अच्छेअच्छेयहाँशीशेमेंउतरजातेहैं
तुमपशेमाँहोंतुमपरकोईइल्ज़ामनहीं
मरनेवालेकभीबे-मौतभीमरजातेहैं
मेरीबिगड़ीहुईतक़दीरबनेयाबने
उनकेबिखरेहुएगेसूतोसँवरजातेहैं
दफ़्नहोकरभीकहींदबतेहैंअरमानहसीं
बनकेगुलसीना-ए-गुलशनपेउभरजातेहैं
जानदेदेतेहैंजोबातकेहोतेहैंधनी
औरहोंगेजोज़बाँदेकेमुकरजातेहैं
लेकेउम्मीदयहाँआएथेक्याक्या'रौनक़'
आपकीबज़्मसेक्यालेकेअसरजातेहैं
Read Full
Mahboob Khan Raunaq