vo jo tum ne gham diya tha mujhe saazgaar hota | वो जो तुम ने ग़म दिया था मुझे साज़गार होता

  - Panna Lal Noor
वोजोतुमनेग़मदियाथामुझेसाज़गारहोता
अगरइतनाऔरहोताकिवोउस्तुवारहोता
तिरीबे-रुख़ीकेसदक़ेमुझेगयाहैजीना
तोरूठताज़ालिममुझेग़मसेप्यारहोता
शब-ओ-रोज़केनज़ारेयेकरिश्मेंरंग-ओ-बूके
येतिलिस्मतोड़देताअगरइख़्तियारहोता
उसेवक़्फ़-ए-ख़ाककरकेकियाख़ूबतूनेवर्ना
येवोज़र्राथाकिउठतातोफ़लकपेबारहोता
कभीएकबारभीतोमिरातज़्किराचमनमें
ब-ज़बान-ए-गुलहोताब-ज़बान-ए-ख़ारहोता
लोसुनोकिअबज़मानातुम्हेंकहरहाहैक्याकुछ
यहीमैंजोअर्ज़करतातुम्हेंनागवारहोता
मिरेपास-ए-ज़ब्त-ए-ग़मकोहुआपसंदवर्ना
मुझेक़रारहोतातुम्हेंक़रारहोता
अरे'नूर'कौनसुनतातिराउज़्र-ए-बे-गुनाही
तूगुनाहभीकरतातोगुनाहगारहोता
  - Panna Lal Noor
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