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Divy Kamaldhwaj
gar udaasi chidchidapan jaan dena pyaar hai
gar udaasi chidchidapan jaan dena pyaar hai | गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है
- Divy Kamaldhwaj
गर
उदासी,
चिड़चिड़ापन,
जान
देना
प्यार
है
माफ़
करना,
काम
मुझको
और
भी
हैं
दोस्तो
- Divy Kamaldhwaj
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लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
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Azm Shakri
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हाए
उसके
हाथ
पीले
होने
का
ग़म
इतना
रोए
हैं
कि
आँखें
लाल
कर
ली
Harsh saxena
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अब
क्या
ही
ग़म
मनाएँ
कि
क्या
क्या
हुआ
मियाँ
बर्बाद
होना
ही
था
सो
बर्बाद
हो
गए
shaan manral
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जानता
हूँ
एक
ऐसे
शख़्स
को
मैं
भी
'मुनीर'
ग़म
से
पत्थर
हो
गया
लेकिन
कभी
रोया
नहीं
Muneer Niyazi
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अपने
क़ातिल
की
ज़ेहानत
से
परेशान
हूँ
मैं
रोज़
इक
मौत
नए
तर्ज़
की
ईजाद
करे
Parveen Shakir
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जीना
मुश्किल
है
के
आसान,
ज़रा
देख
तो
लो
लोग
लगते
हैं
परेशान,
ज़रा
देख
तो
लो
इन
चराग़ों
के
तले
ऐसे
अँधेरे
क्यूँँ
हैं?
तुम
भी
रह
जाओगे
हैरान,
ज़रा
देख
तो
लो
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Javed Akhtar
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मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
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नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
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अपनी
तबाहियों
का
मुझे
कोई
ग़म
नहीं
तुम
ने
किसी
के
साथ
मोहब्बत
निभा
तो
दी
Sahir Ludhianvi
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हम
अपने
दुख
को
गाने
लग
गए
हैं
मगर
इस
में
ज़माने
लग
गए
हैं
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Madan Mohan Danish
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इस
रण
में
जय
और
पराजय
मेरी
है
तू
गाण्डीव
उठा,
कर
हमला
आगे
बढ़
Divy Kamaldhwaj
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भारत
के
उपकार
को,
मान
रहे
सब
लोग
रोग
'घटाने'
के
लिए,
दिया
विश्व
को
'योग'
Divy Kamaldhwaj
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सारी
दुनिया
चॉकलेट
पर
मरती
है
तुम
मुझ
पर
मरती
हो
!
ये
भी
बढ़िया
है
Divy Kamaldhwaj
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राज़
जो
भी
था
नज़र
में
आ
गया
आपका
चेहरा
नज़र
में
आ
गया
वक़्त
आया
था
बुरा
सो
देख
लो
आपका
लहजा
नज़र
में
आ
गया
डूबने
वाली
थी
कश्ती
इश्क़
की
और
इक
तिनका
नज़र
में
आ
गया
पाक
था
मैं
और
दामन
था
सफ़ेद
ख़ून
का
धब्बा
नज़र
में
आ
गया
काम
भी
सारा
किया
और
चुप
रहे
बोलने
वाला
नज़र
में
आ
गया
कल
पिताजी
हँस
रहे
थे
और
तभी
पैर
का
छाला
नज़र
में
आ
गया
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Divy Kamaldhwaj
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तुम्हें
ज़रूरत
क्या
कोई
त्योहारों
की
रंग
लगाकर
गले
लगाने
आ
जाओ
Divy Kamaldhwaj
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