Kaif Ahmad Siddiqui

Kaif Ahmad Siddiqui

@kaif-ahmad-siddiqui

Kaif Ahmed Siddiqui shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kaif Ahmed Siddiqui's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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सारेदिनदश्त-ए-तजस्सुसमेंभटककरसोगया
शामकीआग़ोशमेंसूरजभीथककरसोगया
आख़िर-ए-शबमैंभीखाकरख़्वाब-आवरगोलियाँ
चंदलम्हेनश्शा-ए-ग़मसेबहककरसोगया
येसुकूत-ए-शामयेहंगामा-ए-ज़ेहन-ए-बशर
रूहहैबेदारलेकिनजिस्मथककरसोगया
आख़िरइसदौर-ए-पुर-आशोबकाहरआदमी
ख़्वाब-ए-मुस्तक़बिलकेजंगलमेंभटककरसोगया
चंददिनगुलशनमेंनग़मात-ए-मसर्रतछेड़कर
शाख़-ए-ग़मपररूहकापंछीचहककरसोगया
आख़िरशसारेचमनकोदेकेहुस्न-ए-ज़िंदगी
मौतकेबिस्तरपेहरग़ुंचामहककरसोगया
ज़िंदगीभरअबअँधेरीरातमेंहैजागना
अबतोक़िस्मतकासिताराभीचमककरसोगया
पैकर-ए-अल्फ़ाज़मेंइकआगदहकाताहुआ
काग़ज़ीसहरामेंइकशोलाभड़ककरसोगया
'कैफ़'यूँँआग़ोश-ए-फ़नमेंज़ेहनकोनींदगई
जैसेमाँकीगोदमेंबच्चासिसककरसोगया
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Kaif Ahmad Siddiqui
मुझेनक़्लपरभीइतनाअगरइख़्तियारहोता
कभीफ़ेलइम्तिहाँमेंमैंबारबारहोता
जोमैंफ़ेलहोगयातोसभीदेरहेहैंता'ने
कोईदिल-नवाज़होताकोईग़म-गुसारहोता
मुझेआजइतनीनफ़रतसेदेखतीयेदुनिया
जोपढ़ाईसेज़राभीमिरेदिलकोप्यारहोता
मिरेमास्टरहोतेजोउलूम-ओ-फ़नमेंदाना
कभीमौला-बख़्श-साहबकामैंशिकारहोता
वोपढ़ातेवक़्तदर्जेमेंहज़ारबारबरसे
जोमुझेभीछींकआतीउन्हेंनागवारहोता
मैंतंदुरुस्तहोताकभीस्कूलजाता
कभीसरमेंदर्दरहतातोकभीबुख़ारहोता
कभीमदरसेमेंआताकोईऐसाचाटवाला
किजोमुफ़्तमेंखिलाताकभीउधारहोता
येगधाजोअपनीग़फ़्लतसेहैबेवक़ूफ़इतना
जोयेख़ुदकोजानजाताबड़ाहोशियारहोता
तिरेघरमें'कैफ़'तेराकोईक़द्र-दाँनहींहै
जोवतनसेदूरहोतातोबड़ावक़ारहोता
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Kaif Ahmad Siddiqui
नामलिखालियातोफिरकरतेहोहाएहाएक्यूँ
पढ़नाथातुम्हेंअगरदर्जेमेंपढ़नेआएक्यूँ
क्यूँँकरहमइम्तिहानदेंसोएँगेजाकेबाग़में
पढ़नेकोआधीराततककोईहमेंजगाएक्यूँ
बैठेहैंअपनीसीटपरकैसेभगाएँमास्टर
आएहैंदेकेफ़ीसहमकोईहमेंभगाएक्यूँ
चीख़ेंगेख़ूबहमयहाँचाहेख़फ़ाहोंमेहमाँ
नफ़रतहोजिसकोशोरसेघरमेंहमारेआएक्यूँ
कोईपड़ोसीतंगहोचाहेकिसीसेजंगहो
घरहैयेअपनेबापकाकोईहमेंचुपाएक्यूँ
कानाख़ुदानेकरदियाइसमेंहैअपनीक्याख़ता
गालीबकेंगेख़ूबहमकोईहमेंचिड़ाएक्यूँ
देखोतोपेटबनगयाआख़िरग़ुबारागैसका
खातेहोइतनागोश्तक्यूँपीतेहोइतनीचायक्यूँ
साथीहोंयाअसातिज़ाआएकिसीकोक्यामज़ा
दर्जेमेंकोईबे-महल'कैफ़'कीग़ज़लेंगाएक्यूँ
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