jo sadaa goonjti thii kaanon men | जो सदा गूँजती थी कानों में

  - Kaif Ahmad Siddiqui
जोसदागूँजतीथीकानोंमें
मुंजमिदहोगईज़बानोंमें
लम्हालम्हापिघलरहीहैहयात
ख़्वाबकीयख़-ज़दाचटानोंमें
कितनेजज़्बातहोगएआहन
उनमशीनोंकेकार-ख़ानोंमें
शहदकाघूँटबनगयाहोगा
ज़ाइक़ाज़हरकाज़बानोंमें
ख़ामुशीभूतबनकेरहतीहै
आजइंसानकेमकानोंमें
इकहसींफूलबनकेगिरतीहै
बर्क़भीमेरेआशियानोंमें
फ़नकोनीलामकरदियाआख़िर
'कैफ़'लोगोंनेचंदआनोंमें
  - Kaif Ahmad Siddiqui
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy