duniya men kuchh apne hain kuchh begaane alfaaz | दुनिया में कुछ अपने हैं कुछ बेगाने अल्फ़ाज़

  - Kaif Ahmad Siddiqui
दुनियामेंकुछअपनेहैंकुछबेगानेअल्फ़ाज़
किसकोइतनीफ़ुर्सतहैजोपहचानेअल्फ़ाज़
रेग-ए-अलामतमेंभीजलकरपासकेमफ़्हूम
सहरा-ए-मअ'नीमेंभीभटकेअनजानेअल्फ़ाज़
दश्त-ए-अज़लसेदश्त-ए-अबदतकछानचुकामेंख़ाक
औरकहाँलेजाएँगेअबभटकानेअल्फ़ाज़
बे-म'अनीमाहौलमेंरहकरज़ेहनहुआमाऊफ़
मुझकोभीपागलकरदेंगेदीवानेअल्फ़ाज़
अक्सरआधीरातमेंलेकरकुछपथरीलेख़्वाब
शीशा-ए-ज़ेहनसेजातेहैंटकरानेअल्फ़ाज़
शेर-ओ-सुख़नकेमय-ख़ानेकामैंहूँइकमय-ख़्वार
मेरेलिएबादाहैतख़य्युलपैमानेअल्फ़ाज़
'कैफ़'कभीइकशे'रमेंढलनाहोताहैदुश्वार
औरकभीख़ुदबनजातेहैंअफ़्सानेअल्फ़ाज़
  - Kaif Ahmad Siddiqui
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