Parvez Shahidi

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Parvez Shahidi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Parvez Shahidi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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शिकायतकररहेहैंसज्दा-हा-ए-राएगाँमुझसे
देखाजाएगाअबसू-ए-संग-ए-आस्ताँमुझसे
हैकलकीबातशर्मिंदाथाहुस्न-ए-राएगाँमुझसे
येजल्वेमाँगतेथेइकनिगाह-ए-मेहरबाँमुझसे
नज़ररखकरक़नाअतकररहाहूँमैंतसव्वुरपर
येजल्वेचाहतेहैंऔरक्याक़ुर्बानियाँमुझसे
मोहब्बतमेरीबढ़करगईहैबद-गुमानीतक!
मज़ाजाएहोजाएँजोवोभीबद-गुमाँमुझसे
मशिय्यतचाहतीथीमुझकोमहव-ए-ख़्वाबमेंरखना
मैंक्याकरतारोकीजासकींअंगड़ाइयाँमुझसे
करिश्मेंक़ुदरत-ए-मुतलक़केहैंबाला-ए-शकलेकिन
मैंजबजानूँकिबढ़करछीनलेंमजबूरियाँमुझसे
जुनूँ-जौलान-ए-दश्त-ए-जुस्तुजूहूँक्याख़बरइसकी
मिलीमंज़िलकहाँमुझकोछुटीमंज़िलकहाँमुझसे
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Parvez Shahidi
छुपकररहसकेनिगह-ए-अहल-ए-फ़नसेहम
महफ़िलमेंझाँकतेहैंनक़ाब-ए-सुख़नसेहम
कम-बख़्तढूँढतीहैमोहब्बतमेंफ़ल्सफ़ा
तंगगएहैंअक़्लकेदीवाना-पनसेहम
तलख़ी-ए-ज़िंदगीमेंभीपानेलगेमिठास
आजिज़हैंअपनीफ़ितरत-ए-काम-ओ-दहनसेहम
पैदाकियाहुआहैहमाराहीसबफ़रोग़
बेगानाकुछनहींहैंतिरीअंजुमनसेहम
महव-ए-नाज़औरनयाकोईइम्तिहाँ
उकतागएहैंबाज़ी-ए-दार-ओ-रसनसेहम
इकज़र्राहीसहीमगरआफ़्ताब-ए-नाज़
सज्देकरारहेहैंतिरीहरकिरनसेहम
देतेरहेफ़रेब-ए-मनाज़िरकेबुत-कदे
देखाकिएतुझेनिगह-ए-बुत-शिकनसेहम
उठनाहमाराथाकिसभोंकीनज़रउठी
कुछजैसेलेचलूँहूँतिरीअंजुमनसेहम
उभरानहींहैसादगी-ए-गिर्याकामज़ाक़
महफ़िलयेचाहतीहैकिरोएँभीफ़नसेहम
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Parvez Shahidi
तुमख़ुनुकजज़्बाहोबे-ताबी-ए-फ़नक्याजानो?
क्यागुज़रतीहैदम-ए-फ़िक्र-ए-सुख़नक्याजानो?
ख़ूनहैदिलमेंतुम्हारेअभीअफ़्सुर्दा-ख़िराम
सुर्ख़क्यूँँहोतेहैंरुख़्सार-ए-चमनक्याजानो?
मैंहूँकितनेक़द-ओ-गेसूकेजहाँकामें'मार
सरगिराँमुझसेहैंक्यूँँदार-ओ-रसनक्याजानो?
तुमतोकरतेहोमिरीक्लिक-ए-सुख़नकोपाबंद
कौनहैकातिब-ए-तक़दीर-ए-वतनक्याजानो?
मैंकिहूँख़ाक-नशींदुश्मन-ए-जाम-ए-ख़ुसरव
मैंहीपीताहूँमय-ए-तख़्त-फ़गनक्याजानो?
तुमकोहैनाज़किजकड़ेहुएहोवक़्तकेपाँव
क्यूँँबदलताहैज़मानेकाचलनक्याजानो?
तुमसमझतेहीनहींअहल-ए-गुलिस्ताँकीज़बाँ
मुझसेक्याकहतेहैंयेसर्व-ओ-समनक्याजानो?
तुमतोहोबाइस-ए-अफ़्सुर्दगी-ए-हाल-ए-हुनर
मैंहूँताबानी-ए-मुस्तक़बिल-ए-फ़नक्याजानो?
जिनकोतुमदेतेहोशोरीदा-सरीकाइल्ज़ाम
हैंवहीख़ाक-बसरताज-शिकनक्याजानो?
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Parvez Shahidi
फ़सुर्दाहैइल्महर्फ़-हा-ए-किताबभीबुझकेरहगएहैं
हैराखहीराखमदरसोंमेंनिसाबभीबुझकेरहगएहैं
दिलोंमेंशोलेसिसकरहेहैंजमीहुईबर्फ़हैलबोंपर
सवालभीबुझकेरहगएहैंजवाबभीबुझकेरहगएहैं
नहींहैमहफ़िलमेंकोईगर्मीहुएहैंदिलसर्दमुतरीबोंके
धुआँनिकलताहैउँगलियोंसेरुबाबभीबुझकेरहगएहैं
चराग़-ए-साग़रसेलौलगाकरपायाकुछभीफ़सुर्दगीने
किग़मतोयेहैकिशोला-हा-ए-शराबभीबुझकेरहगएहैं
गिरफ़्त-ए-तूफ़ाँमेंगयाहैख़यालकाशोला-पोशदामन
रहेहक़ीक़तहीजिनसेरौशनवोख़्वाबभीबुझकेरहगएहैं
बुझाबुझासाहैक़ल्ब-ए-सहराबुझीबुझीसीहैरेग-ए-ताबाँ
फ़रेबखाएगीतिश्नगीक्यासराबभीबुझकेरहगएहैं
हैमुन्फ़इलज़ौक़-ए-शोला-चीनीअरक़अरक़हैजबीन-ए-ख़िर्मन
कहाँसेआएँगेबर्क़-पारेसहाबभीबुझकेरहगएहैं
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Parvez Shahidi
ख़ामोशीबोहरान-ए-सदाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
सन्नाटातकचीख़रहाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
तर्क-ए-तअ'ल्लुक़करकेज़बाँसेदिलकाजीनामुश्किलहै
येकैसाआहंग-ए-वफ़ाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
दिलवालोंकीख़ामोशीहीबार-ए-समाअतहोतीहै
बे-आवाज़ीकर्ब-ए-फ़ज़ाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
भेसबदलतीआवाज़ेंहीशाम-ओ-सहरकहलातीहै
वक़्तकादमक्याटूटगयाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
सकतेतकअबपहुँचाहैबढ़तेबढ़तेकर्ब-ए-सुकूत
होंटोंपरक्यावक़्तपड़ाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
कैसीनर्मीकैसीसख़्तीलहजेकीक्याबातकरें
फ़िक्रहीअबग़म-कर्दासदाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
जबतकराह-ए-वफ़ाथीसीधीज़ोर-ए-बयाँथाऐश-ए-सफ़र
शायदकोईमोड़आयाहैतुमभीचुपहोहमभीचुप
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Parvez Shahidi
येसुम्बुल-ओ-नस्रींमेरेहैंयेसेहन-ए-गुलिस्ताँमेराहै
मैंअज़्म-ए-नुमू-ए-गुलशनहूँइनआम-ए-बहाराँमेराहै
मैंफ़र्क़बताऊँकिसकिसकोएहसासकीजबतौफ़ीक़नहीं
कैफ़-ए-ग़म-ए-दौराँमेराहैलुत्फ़-ए-ग़म-ए-जानाँमेराहै
मौसम-ए-गुलतशवीशकरअर्बाब-ए-ख़िरदकीबातोंपर
येपंजा-ए-वहशतमेरेहैंहरतार-ए-गरेबाँमेराहै
अहबाबतबाहीपरमेरीमग़्मूमहोंमातमकरें
येगर्दिश-ए-दौराँमेरीहैवोफ़ित्ना-ए-दौराँमेराहै
नासेह-ए-मुशफ़िक़!रहनेदेअश्कोंपेमिरेतन्क़ीदकर
येदीदा-ए-गिर्यांमेरेहैंवोगोशा-ए-दामाँमेराहै
तारीख़-ए-चमनलिखनेकेलिएक्यूँँहाथबढ़ेहैंगुलचींके
आग़ाज़-ए-गुलिस्ताँमेराथाअंजाम-ए-गुलिस्ताँमेराहै
शिकवोंकीज़फ़र-याबीपेमुझेअहबाबमुबारकबाददें
वोनीचीनिगाहेंमेरीहैंवोहुस्न-ए-पशीमाँमेराहै
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Parvez Shahidi
साग़र-ए-सिफ़ालींकोजाम-ए-जमबनायाहै
फैलकरमिरेदिलने''मैं''को''हम''बनायाहै
हम-सफ़रबनायाहैहम-क़दमबनायाहै
वक़्तनेमुझेकितनामोहतरमबनायाहै
नाज़हैख़लीलीकोहुस्न-ए-नक़्श-ए-सानीपर
गरचेआज़रीहीनेयेसनमबनायाहै
बे-कसी-ए-दिलअपनीदूरकीहैयूँँमैंने
दूसरोंकेग़मकोभीअपनाग़मबनायाहै
ज़िंदगीकीमौसीक़ीक्याहैहमसमझतेहैं
साज़केतलव्वुनकोज़ेर-ओ-बमबनायाहै
ज़ुल्फ़कीतरहइसकोबससँवारतेरहिए
ज़िंदगीकोफ़ितरतनेख़म-ब-ख़मबनायाहै
मैंनेज़र्रेज़र्रेकोमुस्कुराहटेंदीहैं
तुमनेहरसितारेकोचश्म-ए-नमबनायाहै
मुद्दई-ए-जिद्दतहैतेरीफ़िक्रज़ाहिद!
मय-कदेकीईंटोंसेक्यूँँइरमबनायाहै
बुतहज़ारोंतोड़ेहैंकितनेटुकड़ेजोड़ेहैं
ज़िंदगीनेजबजाकरइकसनमबनायाहै
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जलतेरहनाकामहैदिलकाबुझजानेसेहासिलक्या
अपनीआगकेईंधनहैंहमईंधनकामुस्तक़बिलक्या
बोलोनुक़ूश-ए-पाकुछबोलोतुमतोशायदसुनतेहो
भागरहीहैराहगुज़रकेकानमेंकहकरमंज़िलक्या
डूबनेवालो!देखरहेहोतुमतोकश्तीकेतख़्ते
देखोदेखोग़ौरसेदेखोदौड़रहाहैसाहिलक्या
अन-पढ़आँधीघुसपड़तीहैतोड़केफाटकमहलोंके
''अंदरआनामनअहै''लिखकरलटकानेसेहासिलक्या
क़त्ल-ए-वक़ार-ए-इश्क़कामुजरिमजहल-ए-हवस-काराँहीनहीं
नंगेइसहम्माममेंसबहैंआलिमक्याऔरजाहिलक्या
परवानेअबअपनीअपनीआगमेंजलतेरहतेहैं
शोलोंकेबटवारेसेथामक़्सद-ए-शम्-ए-महफ़िलक्या
टूटीधनककेटुकड़ेलेकरबादलरोतेफिरतेहैं
खींचा-तानीमेंरंगोंकीसूरजभीहैशामिलक्या
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मंज़िलभीमिलेगीरस्तेमेंतुमराहगुज़रकीबातकरो
आग़ाज़-ए-सफ़रसेपहलेक्यूँँअंजाम-ए-सफ़रकीबातकरो
ज़ालिमनेलियाहैशर्माकरफिरगोशा-ए-दामाँचुटकीमें
हैवक़्तकितुमबेबाकीसेअबदीदा-ए-तरकीबातकरो
आयाहैचमनमेंमौसम-ए-गुलआईहैंहवाएँज़िंदाँतक
दीवारकीबातेंहोलेंगीइसवक़्ततोदरकीबातकरो
हैतेज़हवाहिलताहैक़फ़सख़तरेमेंपड़ीहैहरतीली
फ़रियाद-ए-असीरीबंदकरोअबजुम्बिश-ए-परकीबातकरो
क्यूँँदार-ओ-रसनकेसाएमेंमंसूरकीबातेंकरतेहो
रखनाहैजोऊँचासरअपनातोअपनेहीसरकीबातकरो
क्यूँँअहल-ए-जुनूँअर्बाब-ए-ख़िरदकीमहफ़िलमेंख़ामोशरहें
वोअपनेहुनरकीबातकरेंतुमअपनेहुनरकीबातकरो
क्याबरबत-ओ-दफ़दमतोड़चुकेमौतगईक्याहरनग़्मेंको
तुममुतरिब-ए-जाम-ओ-मीनाहोक्यूँँतेग़सिपरकीबातकरो
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