chhup kar na rah sake nigah-e-ahl-e-fan se ham | छुप कर न रह सके निगह-ए-अहल-ए-फ़न से हम

  - Parvez Shahidi
छुपकररहसकेनिगह-ए-अहल-ए-फ़नसेहम
महफ़िलमेंझाँकतेहैंनक़ाब-ए-सुख़नसेहम
कम-बख़्तढूँढतीहैमोहब्बतमेंफ़ल्सफ़ा
तंगगएहैंअक़्लकेदीवाना-पनसेहम
तलख़ी-ए-ज़िंदगीमेंभीपानेलगेमिठास
आजिज़हैंअपनीफ़ितरत-ए-काम-ओ-दहनसेहम
पैदाकियाहुआहैहमाराहीसबफ़रोग़
बेगानाकुछनहींहैंतिरीअंजुमनसेहम
महव-ए-नाज़औरनयाकोईइम्तिहाँ
उकतागएहैंबाज़ी-ए-दार-ओ-रसनसेहम
इकज़र्राहीसहीमगरआफ़्ताब-ए-नाज़
सज्देकरारहेहैंतिरीहरकिरनसेहम
देतेरहेफ़रेब-ए-मनाज़िरकेबुत-कदे
देखाकिएतुझेनिगह-ए-बुत-शिकनसेहम
उठनाहमाराथाकिसभोंकीनज़रउठी
कुछजैसेलेचलूँहूँतिरीअंजुमनसेहम
उभरानहींहैसादगी-ए-गिर्याकामज़ाक़
महफ़िलयेचाहतीहैकिरोएँभीफ़नसेहम
  - Parvez Shahidi
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