शामतकसुब्हकीनज़रोंसेउतरजातेहैं
इतनेसमझौतोंपेजीतेहैंकिमरजातेहैं
फिरवहीतल्ख़ी-ए-हालातमुक़द्दरठहरी
नश्शेकैसेभीहोंकुछदिनमेंउतरजातेहैं
इकजुदाईकावोलम्हाकिजोमरताहीनहीं
लोगकहतेथेकिसबवक़्तगुज़रजातेहैं
घरकीगिरतीहुईदीवारेंहीमुझसेअच्छी
रास्ताचलतेहुएलोगठहरजातेहैं
हमतोबे-नामइरादोंकेमुसाफ़िरहैं'वसीम'
कुछपताहोतोबताएँकिकिधरजातेहैं