तूसाथहैमगरकहींतेरापतानहीं
शाख़ोंपेदूरतककोईपत्ताहरानहीं
ख़ामोशियाँभरीहैंफ़ज़ाओंमेंइनदिनों
हमनेभीमौसमोंसेइधरकुछकहानहीं
तूनेज़बाँनखोलीसुख़नमैंनेचुनलिए
तूनेवोपढ़लियाजिसेमैंनेलिखानहीं
येकौनसीजगहहैयेबस्तीहैकौनसी
कोईभीइसजहानमेंतेरेसिवानहीं
चलिएबहुतक़रीबसेसबदेखनाहुआ
अपनेगुमाँसेहटकेकहींकुछहुआनहीं
छोड़ाहैजानेकिसनेमुझेबाल-ओ-परकेसाथ
येकिनबुलंदियोंपेजहाँपरहवानहीं
रंग-ए-तलबहैकौनसीमंज़िलमेंक्याकहें
आँखोंमेंमुद्दआनहींलबपरसदानहीं
पीछेतिरेऐराहत-ए-जानकुछनपूछियो
क्याक्याहुआनहींयहाँक्याकुछहुआनहीं