khulii aur band aankhoñ se use takta raha main bhi | खुली और बंद आँखों से उसे तकता रहा मैं भी

  - Akram Naqqash
खुलीऔरबंदआँखोंसेउसेतकतारहामैंभी
तिरीदुनियाकेपीछेभागताफिरतारहामैंभी
मिरीआवाज़पिछलीराततुझतककैसेपाती
किसीगहरेकुएँमेंरातभरसोतारहामैंभी
ब-ज़ाहिरदेखतीआँखेंब-ज़ाहिरजागतीरूहें
ब-ज़ाहिरइनसभोंकेसाथहीजीतारहामैंभी
मैंहूँइसकारसाज़-ए-बे-कसाँकीदस्तरसमेंयूँँ
वोजिससाँचेमेंभीढालाकियाढलतारहामैंभी
बदनमल्बूसमेंशोलासाइकलर्ज़ांक़रीन-ए-जाँ
दिल-ए-ख़ाशाकभीशोलाहुआजलतारहामैंभी
हैजिसराह-ए-यक़ींपरगामज़नपा-ए-ख़िरदहर-दम
उसीराह-ए-गुमाँपरमुद्दतोंचलतारहामैंभी
  - Akram Naqqash
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