main nahin hooñ nahin kahii bhi nahin | मैं नहीं हूँ नहीं कहीं भी नहीं

  - Akram Naqqash
मैंनहींहूँनहींकहींभीनहीं
अबकोईआसमानहैज़मीं
एकदुनियाहुईहैज़ेर-ए-नगीं
शह-नशींहोगयाहैख़ाक-नशीं
येसुकूँभीहुआमलालकेसाथ
वोबहर-तौरजीरहाहैयहीं
बार-हातूनेख़्वाबदिखलाए
बार-हाहमनेकरलियाहैयक़ीं
एकवीरानाथाबसाकभी
बस्तियाँहमसेगोहज़ारबसीं
जैसेपानीपेनक़्शहोकोई
रौनक़ेंसबअदम-सबातरहीं
ग़ुर्फ़ा-ए-दर्दकिसनेखोलदिया
तूतोअबमेरेआस-पासनहीं
  - Akram Naqqash
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