ज़र्रोंमेंकुनमुनातीहुईकाएनातहूँ
जोमुंतज़िरहैजिस्मोंकीमैंवोहयातहूँ
दोनोंकोप्यासामाररहाहैकोईयज़ीद
येज़िंदगीहुसैनहैऔरमैंफ़ुरातहूँ
नेज़ाज़मींपेगाड़केघोड़ेसेकूदजा
परमैंज़मींपेआबला-पाख़ालीहातहूँ
कैसाफ़लकहूँजिसपेसमुंदरसवारहै
सूरजभीमेरेसरपेहैमैंकैसीरातहूँ
अंधेकुएँमेंमारकेजोफेंकआएथे
उनभाइयोंसेकहियोअभीतकहयातहूँ
आतीहुईट्रेनकेजोआगेरखगई
उसमाँसेयेनकहनाब-क़ैद-ए-हयातहूँ
बाज़ारकानक़ीबसमझकरमुझेनछेड़
ख़ामोशरहनेदेमैंतिरेघरकीबातहूँ