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Meem Alif Shaz
tira dil muskuraayega dua hai
tira dil muskuraayega dua hai | तिरा दिल मुस्कुराएगा दु'आ है
- Meem Alif Shaz
तिरा
दिल
मुस्कुराएगा
दु'आ
है
हमें
भी
तो
भरोसा
है
ख़ुदा
पर
- Meem Alif Shaz
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दीवारें
छोटी
होती
थीं
लेकिन
पर्दा
होता
था
तालों
की
ईजाद
से
पहले
सिर्फ़
भरोसा
होता
था
Azhar Faragh
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तू
कहीं
आस-पास
था
वो
तिरा
इल्तिबास
था
मैं
उसे
देखता
रहा
फिर
मुझे
नींद
आ
गई
Rais Farog
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देखो
ऐसे
क़रीब
आने
की
आस
मत
लगाओ
तुम
तन्हाई
से
रब्त
बढ़ाओ
फिर
मेरे
पास
आओ
तुम
Rohit tewatia 'Ishq'
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ज़ख़्म
दिल
के
भरे
नहीं
अब
तक
और
इक
दर्द
फिर
हरा
कर
लूँ
अब
भरोसा
नहीं
किसी
का
पर
तू
कहे
तो
यक़ीं
तिरा
कर
लूँ
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Harsh saxena
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ये
दिल
मलूल
भी
कम
है
उदास
भी
कम
है
कई
दिनों
से
कोई
आस
पास
भी
कम
है
हमें
भी
यूँं
ही
गुजरना
पसंद
है
और
फिर
तुम्हारा
शहर
मुसाफ़िर-शनास
भी
कम
है
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Farhat Abbas Shah
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और
आसान
नहीं
हो
सकता
फ़रियादों
को
पूरा
करना
एक
ही
आस
लगा
रक्खी
है,
ख़ुदा
सभी
बन्दों
ने
तुझ
सेे
Siddharth Saaz
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जहाँ
तक
मुझ
सेे
मतलब
है
जहाँ
को
वही
तक
मुझको
पूछा
जा
रहा
है
ज़माने
पर
भरोसा
करने
वालों
भरोसे
का
ज़माना
जा
रहा
है
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Naeem Akhtar Khadimi
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कभी
ये
भी
नहीं
पूछा
है
गर्दन
पे
निशाँ
कैसा
हमें
अंधी
मोहब्बत
थी
हमें
अंधा
भरोसा
था
Shayra kirti
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तुम्हारी
ख़ानदानी
रस्म
रस्म-ए-बेवफ़ाई
है
हमीं
पागल
थे
जो
तुम
पर
भरोसा
कर
लिया
हमने
Shajar Abbas
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या
तेरे
अलावा
भी
किसी
शय
की
तलब
है
या
अपनी
मोहब्बत
पे
भरोसा
नहीं
हम
को
Shahryar
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इतनी
तो
मसरूफ़ियत
देखी
नहीं
थी
चलते
चलते
पूछते
हैं
तुम
कहाँ
हो
Meem Alif Shaz
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कौन
उसके
जुर्म
की
सच्ची
गवाही
देगा
शाज़
पूरी
की
पूरी
अदालत
बिक
चुकी
है
पहले
ही
Meem Alif Shaz
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शाम
होते
ही
परिंदे
लौट
आए
और
इक
तुम
हो
कि
आहट
भी
नहीं
है
Meem Alif Shaz
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अब
वो
छत
पर
मुझे
ऐसे
बुलाती
है
जैसे
वो
धूप
जाड़े
में
दिसंबर
की
Meem Alif Shaz
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घर
में
बैठे
या
फिर
जाए
मैख़ाने
में
इश्क़
यह
हो
गया
जिस
को
अनजाने
में
हिज्र
की
कोई
अच्छी
दवा
भी
नहीं
वरना
ले
जाते
उस
को
दवा
ख़ाने
में
कोई
तो
उस
को
हिम्मत
दे
जीने
की
अब
रात
दिन
बैठा
है
वो
अज़ा-ख़ाने
में
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Meem Alif Shaz
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