hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
shaam hote hi parinde laut aa.e
shaam hote hi parinde laut aa.e | शाम होते ही परिंदे लौट आए
- Meem Alif Shaz
शाम
होते
ही
परिंदे
लौट
आए
और
इक
तुम
हो
कि
आहट
भी
नहीं
है
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
अच्छा
ख़्वाब
दिखाया
तुमने
ख़्वाब
दिखाने
वालों
में
ऐसी
बात
कहाँ
होती
थी
इस
सेे
पहले
वालों
में
दरवाज़े
पर
ताला
हो
तो
फिर
भी
दस्तक
दे
देना
नाम
तो
शामिल
हो
जाएगा
दस्तक
देने
वालों
में
Read Full
Aman Shahzadi
Send
Download Image
53 Likes
बुरा
मनाया
था
हर
आहट
हर
सरगोशी
का
सोचो
कितना
ध्यान
रखा
उसने
ख़ामोशी
का
तुम
इसका
नुक़सान
बताती
अच्छी
लगती
हो
वरना
हम
को
शौक़
नहीं
है
सिगरेट-नोशी
का
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
31 Likes
मेरा
दस्तक
देना
इतना
अच्छा
लगता
है
उसको
दस्तक
देना
बंद
करूँँ
तो
दरवाज़ा
खुल
जाता
है
Vishnu virat
Send
Download Image
37 Likes
दिया
जला
के
सभी
बाम-ओ-दर
में
रखते
हैं
और
एक
हम
हैं
इसे
रह-गुज़र
में
रखते
हैं
समुंदरों
को
भी
मालूम
है
हमारा
मिज़ाज
कि
हम
तो
पहला
क़दम
ही
भँवर
में
रखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
47 Likes
मोहब्बत
दो-क़दम
पर
थक
गई
थी
मगर
ये
हिज्र
कितना
चल
रहा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
70 Likes
जब
फागुन
रंग
झमकते
हों
तब
देख
बहारें
होली
की
और
दफ़
के
शोर
खड़कते
हों
तब
देख
बहारें
होली
की
Nazeer Akbarabadi
Send
Download Image
26 Likes
बहुत
पहले
से
उन
क़दमों
की
आहट
जान
लेते
हैं
तुझे
ऐ
ज़िंदगी
हम
दूर
से
पहचान
लेते
हैं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
58 Likes
वो
शांत
बैठा
है
कब
से
मैं
शोर
क्यूँँॅं
न
करूँॅं
बस
एक
बार
वो
कह
दे
कि
चुप
तो
चूँ
न
करूँॅं
Charagh Sharma
Send
Download Image
53 Likes
शायद
किसी
बला
का
था
साया
दरख़्त
पर
चिड़ियों
ने
रात
शोर
मचाया
दरख़्त
पर
Abbas Tabish
Send
Download Image
31 Likes
दुश्मनी
का
सफ़र
इक
क़दम
दो
क़दम
तुम
भी
थक
जाओगे
हम
भी
थक
जाएँगे
Bashir Badr
Send
Download Image
42 Likes
Read More
जो
बावफ़ा
नहीं,
वफ़ा
का
उस
से
भी
सवाल
क्या
उसे
तो
कुछ
पता
नहीं
हराम
क्या
हलाल
क्या
परिंदों
के
परों
को
काटे
है
जो
ज़ात
के
लिए
उसे
तो
कुछ
पता
नहीं
ख़ुदा
का
है
जलाल
क्या
जो
काट
दे
जवानी
अपनी
बस
बुरे
ही
कामों
में
उसे
तो
कुछ
पता
नहीं
ये
हुस्न
का
कमाल
क्या
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
हम
अपने
वादे
से
मुकर
थोड़ी
जाएँगे
यूँँ
बेइज़्ज़त
हो
के
घर
थोड़ी
जाएँगे
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
तुम
से
बिछड़
कर
रात
तूफ़ानी
हुई
यादों
की
बारिश
में
परेशानी
हुई
जब
नक़्श
तेरा
तोड़
डाला
हाथों
से
कमरे
में
मेरे
सिर्फ़
वीरानी
हुई
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
बड़ी
दिलचस्प
है
मेरी
ग़ज़ल
जो
तिरी
मासूमियत
को
बोलती
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
कोई
तो
नब्ज़
से
भी
दुश्मनी
करता
अना
को
तोड़कर
फिर
ज़िन्दगी
करता
परिंदे
सड़कों
पर
रहने
लगे
थे
जब
शजर
से
भी
तो
कोई
दोस्ती
करता
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Paani Shayari
Tanz Shayari
Deedar Shayari
Jafa Shayari
Beqarari Shayari