hairat ke daftar jaaun | हैरत के दफ़्तर जाऊँ

  - Akram Naqqash
हैरतकेदफ़्तरजाऊँ
मैंअपनेअंदरजाऊँ
आँखेंचारकरूँँसबसे
आईनेसेडरजाऊँ
दुनियामिलहीजाएगी
ज़ीनेचंदउतरजाऊँ
ऐसाकोईपलआए
साएसेबाहरजाऊँ
तुझकोसोचूँपलभरमैं
ज़ंजीरोंसेभरजाऊँ
जिसरस्तेहैंख़ारबबूल
उसरस्तेअक्सरजाऊँ
दुखकेजंगलसेनिकलूँ
तेरीराहगुज़रजाऊँ
रातफ़लकपरउभरेतो
मैंतारोंसेभरजाऊँ
कोईपलकोअकेलाछोड़
कोईकामतोकरजाऊँ
  - Akram Naqqash
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