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Munawwar Rana
sagee behnon ka jo rishta rishta hai urdu aur hin
sagee behnon ka jo rishta rishta hai urdu aur hin | सगी बहनों का जो रिश्ता रिश्ता है उर्दू और हिन्दी में
- Munawwar Rana
सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
- Munawwar Rana
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ज़िंदगी
तुझ
से
भी
क्या
ख़ूब
त'अल्लुक़
है
मिरा
जैसे
सूखे
हुए
पत्ते
से
हवा
का
रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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साँस
लेती
हूँ
तो
यूँँ
महसूस
होता
है
मुझे
जैसे
मेरे
दिल
की
हर
धड़कन
में
शामिल
आप
हैं
Jaan Nisar Akhtar
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अपना
रिश्ता
ज़मीं
से
ही
रक्खो
कुछ
नहीं
आसमान
में
रक्खा
Jaun Elia
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भले
ही
जान-लेवा
हो
सियासत
को
ग़लत
कहना
मगर
फिर
भी
ये
सच
ईमान
वाले
लोग
कहते
हैं
Amaan Pathan
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निभाया
जिस
सेे
भी
रिश्ता
तो
फिर
हद
में
रहे
हैं
हम
किसी
के
मखमली
तकिए
के
ऊपर
सर
नहीं
रक्खा
Nirbhay Nishchhal
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बातचीत
में
आला
हो
बस
ठीक
न
हो
फ़ाइदा
क्या
महबूब
अगर
बारीक
न
हो
हम
तेरी
क़ुर्बत
में
अक्सर
सोचते
हैं
दरिया
खेत
के
इतना
भी
नज़दीक
न
हो
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Khurram Afaq
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ज़िंदगी
तुझ
से
हर
इक
साँस
पे
समझौता
करूँँ
शौक़
जीने
का
है
मुझ
को
मगर
इतना
भी
नहीं
Muzaffar Warsi
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जीत
भी
लूँ
गर
लड़ाई
तुम
से
मैं
तो
क्या
मिलेगा
हाथ
में
दोनों
के
बस
इक
टूटा
सा
रिश्ता
मिलेगा
कर
के
लाखों
कोशिशें
गर
जो
बचा
भी
लूँ
मैं
रिश्ता
तो
नहीं
फिर
मन
हमारा
पहले
के
जैसा
मिलेगा
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Ankit Maurya
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अब
मज़ीद
उस
सेे
ये
रिश्ता
नहीं
रक्खा
जाता
जिस
सेे
इक
शख़्स
का
पर्दा
नहीं
रक्खा
जाता
पढ़ने
जाता
हूँ
तो
तस्में
नहीं
बाँधे
जाते
घर
पलटता
हूँ
तो
बस्ता
नहीं
रक्खा
जाता
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Tehzeeb Hafi
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इतना
धीरे-धीरे
रिश्ता
ख़त्म
हुआ
बहुत
दिनों
तक
लगा
नहीं
हम
बिछड़े
हैं
Ajmal Siddiqui
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अब
आपकी
मर्ज़ी
है
सँभालें
न
सँभालें
ख़ुश्बू
की
तरह
आप
के
रूमाल
में
हम
हैं
Munawwar Rana
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लिपट
जाता
हूँ
माँ
से
और
मौसी
मुस्कुराती
है
मैं
उर्दू
में
ग़ज़ल
कहता
हूँ
हिंदी
मुस्कुराती
है
Munawwar Rana
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डरा-धमका
के
तुम
हम
सेे
वफ़ा
करने
को
कहते
हो
कहीं
तलवार
से
भी
पाँव
का
काँटा
निकलता
है
Munawwar Rana
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तुम
भी
साबित
हुए
कमज़ोर
मुनव्वर
राना
ज़िन्दगी
माँगी
भी
तुमने
तो
दवा
से
माँगी
Munawwar Rana
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इतनी
तवक़्क़ुआत
ज़माने
को
हम
सेे
है
उतनी
तो
उम्र
भी
नहीं
लाए
लिखा
के
हम
Munawwar Rana
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