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Tehzeeb Hafi
ab mazid usse ye rishta nahin rakha jaata
ab mazid usse ye rishta nahin rakha jaata | अब मज़ीद उस सेे ये रिश्ता नहीं रक्खा जाता
- Tehzeeb Hafi
अब
मज़ीद
उस
सेे
ये
रिश्ता
नहीं
रक्खा
जाता
जिस
सेे
इक
शख़्स
का
पर्दा
नहीं
रक्खा
जाता
पढ़ने
जाता
हूँ
तो
तस्में
नहीं
बाँधे
जाते
घर
पलटता
हूँ
तो
बस्ता
नहीं
रक्खा
जाता
- Tehzeeb Hafi
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बारूद
के
बदले
हाथों
में
आ
जाए
किताब
तो
अच्छा
हो
ऐ
काश
हमारी
आँखों
का
इक्कीसवाँ
ख़्वाब
तो
अच्छा
हो
Ghulam Mohammad Qasir
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कल
मेरी
एक
प्यारी
सहेली
किताब
में
इक
ख़त
छुपा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
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लिक्खा
गया
न
कुछ
कभी
मुझ
सेे
जवाब
में
रक्खा
ही
रह
गया
है
तेरा
ख़त
किताब
में
Ankit Maurya
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बेटियाँ
बाप
की
आँखों
में
छुपे
ख़्वाब
को
पहचानती
हैं
और
कोई
दूसरा
इस
ख़्वाब
को
पढ़
ले
तो
बुरा
मानती
हैं
Iftikhar Arif
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चाय
की
प्याली
में
नीली
टेबलेट
घोली
सह
में
सह
में
हाथों
ने
इक
किताब
फिर
खोली
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Bashir Badr
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एक
आवाज़
पे
आ
जाती
है
दौड़ी
दौड़ी
दश्त-ओ-सहरा-ओ-बयाबान
नहीं
देखती
है
दोस्ती
दोस्ती
होती
है
तुम्हें
इल्म
नहीं
दोस्ती
फ़ाइदा
नुक़सान
नहीं
देखती
है
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Aadil Rasheed
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हमारा
इल्म
बूढ़ा
हो
रहा
है
किताबें
धूल
खाती
जा
रही
हैं
Kaif Uddin Khan
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ये
इल्म
का
सौदा
ये
रिसाले
ये
किताबें
इक
शख़्स
की
यादों
को
भुलाने
के
लिए
हैं
Jaan Nisar Akhtar
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आदमिय्यत
और
शय
है
इल्म
है
कुछ
और
शय
कितना
तोते
को
पढ़ाया
पर
वो
हैवाँ
ही
रहा
Sheikh Ibrahim Zauq
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अशआ'र
मिरे
यूँँ
तो
ज़माने
के
लिए
हैं
कुछ
शे'र
फ़क़त
उन
को
सुनाने
के
लिए
हैं
ये
इल्म
का
सौदा
ये
रिसाले
ये
किताबें
इक
शख़्स
की
यादों
को
भुलाने
के
लिए
हैं
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Jaan Nisar Akhtar
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ये
किस
ने
बाग़
से
उस
शख़्स
को
बुला
लिया
है
परिंद
उड़
गए
पेड़ों
ने
मुँह
बना
लिया
है
उसे
पता
था
मैं
छूने
में
वक़्त
लेता
हूँ
सो
उस
ने
वस्ल
का
दौरानिया
बढ़ा
लिया
है
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Tehzeeb Hafi
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तेरा
चुप
रहना
मेरे
ज़ेहन
में
क्या
बैठ
गया
इतनी
आवाज़ें
तुझे
दीं
कि
गला
बैठ
गया
Tehzeeb Hafi
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एक
दुख
ये
के
तू
मिलने
नहीं
आया
मुझ
सेे
एक
दुख
ये
के
उस
दिन
मेरा
घर
ख़ाली
था
Tehzeeb Hafi
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घर
में
भी
दिल
नहीं
लग
रहा
काम
पर
भी
नहीं
जा
रहा
जाने
क्या
ख़ौफ़
है
जो
तुझे
चूम
कर
भी
नहीं
जा
रहा
रात
के
तीन
बजने
को
है
यार
ये
कैसा
महबूब
है
जो
गले
भी
नहीं
लग
रहा
और
घर
भी
नहीं
जा
रहा
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Tehzeeb Hafi
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अपना
सब
कुछ
हार
के
लौट
आए
हो
न
मेरे
पास
मैं
तुम्हें
कहता
भी
रहता
था
कि
दुनिया
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
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