gahri sooni raah aur tanhaa sa main | गहरी सूनी राह और तन्हा सा मैं

  - Akram Naqqash
गहरीसूनीराहऔरतन्हासामैं
रातअपनीचापसेडरतासामैं
तूकिमेराआइनाहोताहुआ
औरतेरेअक्समेंढलतासामैं
कबतिरेकूचेसेकरजानाहैकूच
इसतसव्वुरसेहीघबरातासामैं
मेरीराहोंकेलिएमंज़िलतूही
तेरेक़दमोंकेलिएरस्तासामैं
आसमाँमेंरंगबिखरातासातू
औरसरापादीदबनजातासामैं
हसरत-ए-ताबीरसेछूटूँकभी
हरनफ़सइसख़्वाबमेंजलतासामैं
बे-कराँहोताहुआदश्त-ए-गुमाँ
औरयक़ींकेदारपरआयासामैं
नाकोईमंज़रअबकोईख़याल
अबहरइकशयभूलताजातासामैं
  - Akram Naqqash
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy