lahu tezaab karna chahta hai | लहू तेज़ाब करना चाहता है

  - Akram Naqqash
लहूतेज़ाबकरनाचाहताहै
बदनइकआगदरियाचाहताहै
मुयस्सरसेज़ियादाचाहताहै
समुंदरजैसेदरियाचाहताहै
इसेभीसाँसलेनेदेकिहर-दम
बदनबाहरनिकलनाचाहताहै
मुझेबिल्कुलयेअंदाज़ानहींथा
वोअबरस्ताबदलनाचाहताहै
नईज़ंजीरफैलाएहैबाँहें
कोईआज़ादहोनाचाहताहै
रुतेंबदलींनएफल-फूलआए
मगरदिलसबपुरानाचाहताहै
सुकूँकहिएजिसेहैरास्तेमें
दोइकपलहीमेंआयाचाहताहै
हवाभीचाहिएऔररौशनीभी
हरइकहुज्रादरीचाचाहताहै
बगूलोंसेभराहैदश्तसारा
यहीतोरोज़सहराचाहताहै
  - Akram Naqqash
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