ye nadi warna to kab ki paar thii | ये नदी वर्ना तो कब की पार थी

  - ARahman Ansari
येनदीवर्नातोकबकीपारथी
मेरेरस्तेमेंअनादीवारथी
आपकोक्याइल्महैइसबातका
ज़िंदगीमुश्किलनहींदुश्वारथी
थींकमानेंदुश्मनोंकेहाथमें
औरमेरेहाथमेंतलवारथी
जलगएइकरोज़सूरजसेचराग़
रौशनीकोरौशनीदरकारथी
आजदुनियाकेलबोंपरमुहरहै
कलतलकहाँसाहब-ए-गुफ़्तारथी
  - ARahman Ansari
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