dasht ko dhoondhne nikloon to jazeera nikle | दश्त को ढूँडने निकलूँ तो जज़ीरा निकले

  - Akram Naqqash
दश्तकोढूँडनेनिकलूँतोजज़ीरानिकले
पाँवरख्खूँजोमैंवीरानेमेंदुनियानिकले
एकबिफराहुआदरियाहैमिरेचारतरफ़
तूजोचाहेइसीतूफ़ाँसेकिनारानिकले
एकमौसमहैदिलजाँपेफ़क़तदिनहोकिरात
आसमाँकोईहोदिलपरवहीतारानिकले
देखताहूँमैंतिरीराहमेंदाम-ए-हैरत
रौशनीरातसेऔरधूपसेसायानिकले
इससेपहलेयेकभीदिलनेकहाहीकबथा
रातकुछऔरबढ़ेचाँददोबारानिकले
आँखझुकतीहैतोमिलतीहैख़मोशीकोज़बाँ
बंदहोंटोंसेकोईबोलतादरियानिकले
इश्क़इकऐसीहवेलीहैकिजिससेबाहर
कोईदरवाज़ाखुलेऔरदरीचानिकले
सहरनेतेरेअजबराहसुझाईहमदम
हमकहाँजानेकोनिकलेथेकहाँनिकले
  - Akram Naqqash
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