Akhtar Saeed

Akhtar Saeed

@akhtar-saeed

Akhtar Saeed shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Akhtar Saeed's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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मिरीनिगाहमेंहैख़ाकसीम-ओ-ज़रकाफ़ुसूँ
सुबूत-ए-मो'जिज़ा-ए-रफ़्तगान-ए-आलमहूँ
दियाहैमुझकोमगरबे-सुरूरहंगामा
मिलाहैमुझकोमगरवक़्फ़-ए-इज़्तिराब-ए-सुकूँ
चाँदमेंहैचमकअपनीऔरशबनममें
करूँँतोकिसकाज़मानेमेंए'तिबारकरूँँ
जोदिलमेंबातहैअल्फ़ाज़मेंनहींआती
सोएकबातहैदिलकीलगीकहूँकहूँ
सज़ाहैमेरीरहोउसदयारमेंकिजहाँ
गराँहैआब-ए-मुसफ़्फ़ामगरहैअर्ज़ांख़ूँ
सवाल-ए-अक़्लवहीहैजवाब-ए-जेहलवही
हज़ारबारकरूँँदसहज़ारबारसुनूँ
ख़फ़ाहैरंग-ए-गुल-ओ-मौजा-ए-सबामुझसे
किबाँधताहूँदिल-ए-बे-क़रारकामज़मूँ
मुझेतोअपनेपेइकलम्हाए'तिबारनहीं
निगार-ए-दहरतुझेगरचेबा-वफ़ासमझूँ
हज़ाररास्तेपिन्हाँहैंरेग-ए-सहरामें
जोदममेंदमहोतोइसदश्तकीहवादेखूँ
खुलाहैआल-ए-मोहम्मदकेफ़ैज़सेमुझपर
किआदमीकोभीहैइख़्तियार-ए-कुन-फ़यकूँ
बुलंदबा'द-ए-शहादतभीहैयेनोक-ए-सिनाँ
सर-ए-इमामकिसीहालभीनहींहैनिगूँ
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Akhtar Saeed
ख़ूबी-ए-तर्ज़-ए-मक़ालातसेक्याहोताहै
बातकरतेरहेहमबातसेक्याहोताहै
रातकटजाएतोफिररातचलीआएगी
रातकटजाएगीइकरातसेक्याहोताहै
किसीजानिबसेजवाबआएतोकुछबातचले
काविश-ए-हुस्न-ए-सवालातसेक्याहोताहै
जबकितक़्तीर-ए-रग-ए-जाँसेबंधीहैतक़दीर
बे-ख़बरज़िक्र-ओ-मुनाजातसेक्याहोताहै
दानदीजेकिमिरेग़मकामुदावाहोवे
रंजहोताहैहिसाबातसेक्याहोताहै
दिलकीवुसअतसेहैआसानी-ए-अन्फ़ासवले
वुसअत-ए-सहन-ए-महल्लातसेक्याहोताहै
सामनेआओकिसीरोज़तोकुछबातकरें
उम्र-भरहल्ल-ए-मुअम्मातसेक्याहोताहै
ज़ातहीमज़हर-ए-मेआ'र-ए-हक़-ओ-बातिलहै
वोग़लतकहतेहैंकिज़ातसेक्याहोताहै
जाँनिकलजाएगीतोफ़ैसलादेंगेचेख़ूब
साहिबोऐसीमुकाफ़ातसेक्याहोताहै
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Akhtar Saeed
जूँफ़ौजकिमफ़्तूहहोज़ंजीरमेंआवे
अल्फ़ाज़कालश्करमिरीतहरीरमेंआवे
इकख़ासइनायतहैकिदेतेनहींमुझको
वोदर्दकिजोपंजा-ए-तदबीरमेंआवे
यकसररग-ए-मंसूरकीहिम्मतसेपरेहै
वोइल्मकिइकअर्सा-ए-तक़तीरमेंआवे
जोचाहेभरेमैंनेमुसव्विरसेकहाथा
कुछरंग-ए-मोहब्बतमिरीतस्वीरमेंआवे
वोबातख़ुशादेताहैदिलजिसकीगवाही
येक्याकिकहोअगलीअसातीरमेंआवे
जोहुक्मतुम्हाराहैवोवाजिबहैबिला-शक
जोअर्ज़हमारीहैवोता'ज़ीरमेंआवे
हैगरचेबहुतमेरेलिएख़्वाबकीदुनिया
कुछऔरमज़ाख़्वाबकीता'बीरमेंआवे
जिसपासमुदावानहींकुछआब-ओ-हवाका
लाज़िमहैमिरेहल्क़ा-ए-तक़रीरमेंआवे
मुमकिननहींआदमकेलिएशान-ए-ख़ुदाई
हाँयूँँकिमगरआया-ए-ततहीरमेंआवे
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Akhtar Saeed
हमारेपासहैहिकमतराज़क्याकीजे
सिवाएदर्द-ए-दिल-ए-जाँ-गुदाज़क्याकीजे
इनायतेंहैंअगरचेहज़ार-हालेकिन
बनेबाततोबंदा-नवाज़क्याकीजे
ज़र्ब-ओ-तारसेरिश्तादिल-फ़रेबी-ए-दम
मिरेख़यालकोआलमहैसाज़क्याकीजे
ज़े-रू-ए-फ़िक़्हजोसबसेज़ियादाहैमा'तूब
हमारीउससेभीहैसाज़-बाज़क्याकीजे
जोजानतेहैंनहींजानतेजानेहैं
जोहैअयाँयहाँवोभीहैराज़क्याकीजे
जहाँगुज़ारिश-ए-अहवालपरहोंताज़ीरें
सिवाएजुरअत-ए-अर्ज़-ए-नियाज़क्याकीजे
खुलाइकउम्रकीकोशिशसेयेकिलिक्खाहै
हमारेनामनशेब-ओ-फ़राज़क्याकीजे
बुराहोलज़्ज़त-ए-तख़ईलकाकिरहतीहै
हक़ीक़तोंमेंतलाश-ए-मजाज़क्याकीजे
हज़ारदर्दहैऔरजान-ए-ना-तवाँमेरी
इलाजहैगलेकाजवाज़क्याकीजे
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Akhtar Saeed
फिरसबागुज़रीहैदर-ए-सेहन-ए-चमनक्याकहना
अबतलककाँपतेहैंसर्व-ओ-समनक्याकहना
ज़र्रा-ए-ख़ाकहूँमैंसैल-ए-हवादिसकेलिए
औरइसज़र्रेमेंदिलशाह-ए-ज़मनक्याकहना
जिस्मकेहुक्मसेआज़ादहोजाँचाहाथा
रूहकेहुक्मसेआज़ादहैतनक्याकहना
शहरवीरानहुआगोर-ए-ग़रीबाँकीतरह
उसपेमैंऔरमिरीरंगीनी-ए-फ़नक्याकहना
हैगराँतब-ए-शहीदाँपेमज़ार-ओ-मर्क़द
जिस्मख़ूँ-बस्ताहैख़ुदउनकाकफ़नक्याकहना
लेकयेभीतोखुलेकुछतिरीनिय्यतक्याहै
नुदरत-ए-फ़िक्रऔरअंदाज़-ए-सुख़नक्याकहना
आख़िरशसहलहुआनफ़-ओ-ज़ररकामतलब
अबहरइकचीज़पेचस्पाँहैसमनक्याकहना
ज़ीस्तइकपलहैफ़क़तदेखिएक्याकीजिएक्या
औरइसपलमेंभीसदरंज-ओ-मेहनक्याकहना
इसक़दरख़ौफ़मेंहूँमैंकिनींदआवेहै
किसक़दरख़्वाबमेंहैंअहल-ए-वतनक्याकहना
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Akhtar Saeed
अख़्तर'कोतोरीएमेंभीहैआरक्याकरे
बैठाहुआहैदेरसेबे-कारक्याकरे
यकहुजूम-ए-दर्दऔरऔरतमाम
दिलज़ेरपरलगाएहैमिंक़ारक्याकरे
तारीख़किरहीहैकिमिटतानहींहैज़ुल्म
मुख़्तार-ए-कुलबतातिरासंसारक्याकरे
खींचेहैसबकोदस्त-ए-फ़नाएकसातोफिर
एकसादा-लौहकरेयहाँअय्यारक्याकरे
कोईनहींहैमुझकोहुनररोज़गारका
जुज़ख़ाकसारमिदहत-ए-सरकारक्याकरे
जोसारीकाएनातकीफ़ितरतकाहोअमीं
हरतजरबेकाजोहोख़रीदारक्याकरे
जीमुज़्तरिबहैहिद्दत‌‌‌‌-ए-कील-ओ-मक़ालमें
ढूँडेहैकोईसाया-ए-दीवारक्याकरे
शहरोंमेंमेरीख़ाकअड़ेमिस्ल-ए-बू-ए-गुल
बे-शामाहैख़ल्क़-ए-तरह-दारक्याकरे
मौलामददकिमैंहूँअज़ादार-ए-आल-ए-ऊ
आक़ातिरेबग़ैरगुनाहगारक्याकरे
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Akhtar Saeed
मबदा-ए-हुस्नसेकैसेयेजुदाहैयकसर
किज़मानऔरमकाँएकअदाहैयकसर
येजोदीहैहमेंआज़ादी-ए-अफ़्क़ार-ओ-अमल
कोईबतलाओजज़ाहैकिसज़ाहैयकसर
वक़्तहैतेशा-ओ-शमशीरकाजिसमेंकबसे
वोहथेलीअभीमसरूफ़-ए-दुआहैयकसर
मर्हबाजश्न-ए-जिबिल्लतकिनहींहमपाबंद
मर्हबाज़ीस्तकिआज़ाद-ए-हयाहैयकसर
बातकहनेकोहैकुछऔरजहाँकाममदूह
बाल-ए-जिब्रीलनहींबाल-ए-हुमाहैयकसर
तूसमझताहैजिसेअपनामुइज़्ज़-ओ-रज़्ज़ाक़
हमसमझतेहैंवहीतेराख़ुदाहैयकसर
आजजोफ़ितरत-ए-आदमनज़रआतीहैहमें
येमिरीजानज़मानेकीहुआहैयकसर
मम्बा-ए-फ़ैज़सेआतीहैजोरहमतयाँतक
येहमेंआल-ए-मोहम्मदकीअताहैयकसर
ख़ालिक़-ए-ख़त्म-ए-रुसुलआल-ए-एबाकामस्जूद
अपनामस्जूदमगरआल-ए-एबाहैयकसर
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Akhtar Saeed
ख़ालीहैज़ेहनताक़त-ए-गुफ़्तारक्याकरे
हैआँखबंदरौज़न-ए-दीवारक्याकरे
हमअक़्लदिलकेसामनेरखतेरहेवले
दरियाकेआगेरेतकीदीवारक्याकरे
जीमेराअबतोमेरीभीसोहबतसेतंगहै
हररिश्तायाँहैबाइस-ए-आज़ारक्याकरे
हर-सूहैकाएनातमेंअपनेलहूकारंग
होचश्म-ए-दिलसेदूरतोदीदारक्याकरे
कहताहूँबारबारसमझतानहींकोई
बहराहोदिलतोबातपेइसरारक्याकरे
जुज़तेग़दर्द-ए-जाँकानहींकोईशयइलाज
ख़ालीहैहाथदीदा-ए-ख़ूँ-बारक्याकरे
हरफ़लसफ़ेसेशौक़हैआज़ादसर-ब-सर
इक़रारक्याकरेयहाँइंकारक्याकरे
उलझेहुएहैंकितनेतमन्नाकेसिलसिले
ख़ालिक़-ए-हयातगुनाहगारक्याकरे
राह-ए-नबीमेंबच्चेजवाँ-पीरसबगए
खे़
मेंमेंतन्हाआबिद-ए-बीमारक्याकरे
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Akhtar Saeed
दर्दइकरोज़कोईरंगदिखाएतोबने
रूहगरछोड़केतनदहरमेंआएतोबने
नज़रआएँतिरेचेहरेकेख़द-ओ-ख़ालतमाम
दिलसेउठजाएँकभीवहमकेसाएतोबने
वहदत-ए-दर्दहोक़रियोंमेंहवाकीमानिंद
एकहोजाएँअगरअपनेपराएतोबने
वाइज़ाँमुज़्दाकिजन्नतमेंबहारआईहै
मेरीदुनियासेख़िज़ाँलौटकेजाएतोबने
देव-ए-तक़दीरखड़ाहैमेरेआगेहरदम
कोईतदबीरइसेज़हरपिलाएतोबने
जिसकोदेखाकिसीमुर्देकामुक़ल्लिददेखा
अपनीहोजाएहरइकशख़्सकीरायतोबने
सबकेदुखसुनताहूँमैंज़ोफ़-ए-ज़ईफ़ीमेंवले
मेरादुखकोईमिरीमाँकोसुनाएतोबने
अपनेआ'मालकोऔरोंसेछुपारक्खाहै
मेरीनिय्यतकोकोईमुझसेछुपाएतोबने
मैंबनातातोबहुतहूँनहींबनतीलेकिन
वोइनायतसेमिरीबातबनाएतोबने
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Akhtar Saeed
हैनसीम-ए-सुब्हआवाराउसीकेनामपर
बू-ए-गुलठहरीहुईहैजिसकलीकेनामपर
कुछनिकलादिलमेंदाग़-ए-हसरत-ए-दिलकेसिवा
हाएक्याक्यातोहमतेंथींआदमीकेनामपर
फिररहाहूँकू-ब-कूज़ंजीर-ए-रुस्वाईलिए
हैतमाशासातमाशाज़िंदगीकेनामपर
अबयेआलमहैकिहरपत्थरसेटकराताहूँसर
मारडालाएकबुतनेबंदगीकेनामपर
कुछइलाजउनकाभीसोचातुमनेचारागरो
वोजोदिलतोड़ेगएहैंदिलबरीकेनामपर
कोईपूछेमेरेग़म-ख़्वारोंसेतुमनेक्याकिया
ख़ैरउसनेदुश्मनीकीदोस्तीकेनामपर
कोईपाबंदीहैहँसनेपररोनाजुर्महै
इतनीआज़ादीतोहैदीवानगीकेनामपर
आपहीकेनामसेपाईहैदिलनेज़िंदगी
ख़त्महोगाअबयेक़िस्साआपहीकेनामपर
कारवान-ए-सुब्हयारोकौनसीमंज़िलमेंहै
मैंभटकताफिररहाहूँरौशनीकेनामपर
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Akhtar Saeed
हरघड़ीफ़िक्र-ए-रास्तीक्याहै
इकमुसीबतहैज़िंदगीक्याहै
घुपअँधेराहैमेरेचारों-ओर
इसमेंथोड़ीसीरौशनीक्याहै
बहुतउलझाहुआहिसाबहैये
मेराखाताहैक्याबहीक्याहै
नामहैंनफ़्सकीपरस्तिशके
दोस्तीक्याहैदुश्मनीक्याहै
शहरमेंरहकेदेखिएइकदिन
दूरजंगलमेंराहेबीक्याहै
सारीबातोंकामैंमुसन्निफ़हूँ
मेरेआगेलिखीसुनीक्याहै
मैंनेदेखाहैख़ूँकीशम्ओं'से
गुम-रहीक्याहैरह-रवीक्याहै
अहद-ए-पीरीमेंअपनीलौह-ए-ज़मीर
साफ़होगरतोख़ुसरवीक्याहै
येतज़ादातयेसराबयेदिल
ज़िंदगीक्याहैआदमीक्याहै
बंदअश्कालमेंमुक़य्यदहूँ
अक़्लकिसकामआगहीक्याहै
सोचताहूँतोकुछनहींखुलता
जानताहूँमगरबदीक्याहै
दिलमेंवसवासया-अलीक्यूँँहै
सर-ए-महजूबया-नबीक्याहै
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