mujh men se rafta rafta ghataata raha mujhe | मुझ में से रफ़्ता रफ़्ता घटाता रहा मुझे

  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
मुझमेंसेरफ़्तारफ़्ताघटातारहामुझे
वोथोड़ाथोड़ारोज़चुरातारहामुझे
मेरेपरोंमेंमेरीज़मींबाँधनेकेबा'द
वोअपनीकहकशाँमेंबुलातारहामुझे
हररातआँसुओंसेभिगोयामिराबदन
हरसुब्हधूपदेकेसुखातारहामुझे
सिगरेटपीतामैंभीलबोंसेलगारहा
वोभीधुआँबनाकेउड़ातारहामुझे
उसकोथीधुनकिमुझकोबनाएगावोगुलाब
काँटोंकेबीचरोज़सजातारहामुझे
पानीकीतरहमैंभीथामुफ़्तउसकेहाथमें
औरवोभीबे-दरेग़बहातारहामुझे
उसकोहीमैंनेडसलियाइकरोज़आख़िरश
जोअपनीआस्तींमेंछुपातारहामुझे
उसकेनमकसेथामिरापैकरबनाहुआ
बारिशसेइसलिएवोबचातारहामुझे
  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
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