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Shashank Shekhar Pathak
jal chuka hai jism meraa raakh hooñ main
jal chuka hai jism meraa raakh hooñ main | जल चुका है जिस्म मेरा राख हूँ मैं
- Shashank Shekhar Pathak
जल
चुका
है
जिस्म
मेरा
राख
हूँ
मैं
पर
मुझे
अब
भी
मिली
राहत
नहीं
है
- Shashank Shekhar Pathak
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कुछ
इस
सलीक़े
से
माथे
पे
उसने
होंट
रखे
बदन
को
छोड़
के
सारी
थकन
को
चूम
लिया
Harsh saxena
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मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
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Subhan Asad
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मैं
जानता
हूँ
तेरी
रूह
की
तलब
जानाँ
तुझे
बदन
की
तरफ़
से
नहीं
छूउँगा
मैं
Subhan Asad
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ये
इश्क़
आग
है
और
वो
बदन
शरारा
है
ये
सर्द
बर्फ़
सा
लड़का
पिघलने
वाला
है
Shadab Asghar
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अब
सुलगती
है
हथेली
तो
ख़याल
आता
है
वो
बदन
सिर्फ़
निहारा
भी
तो
जा
सकता
था
Ameer Imam
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जिस्म
आया
किसी
के
हिस्से
में
दिल
किसी
और
की
अमानत
है
Shariq Kaifi
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चिलचिलाती
धूप
है
और
पैर
में
चप्पल
नहीं
जिस्म
घाइल
है
मगर
ये
हौसला
घाइल
नहीं
Tanoj Dadhich
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फूलों
की
सेज
पर
ज़रा
आराम
क्या
किया
उस
गुल-बदन
पे
नक़्श
उठ
आए
गुलाब
के
Adil Mansuri
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टूटा
तो
हूँ
मगर
अभी
बिखरा
नहीं
'फ़राज़'
मेरे
बदन
पे
जैसे
शिकस्तों
का
जाल
हो
Ahmad Faraz
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हलाल
रिज़्क़
का
मतलब
किसान
से
पूछो
पसीना
बन
के
बदन
से
लहू
निकलता
है
Aadil Rasheed
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सब
नहीं
करते
हैं
जो
मैं
बस
वही
करता
हूँ
घर
जला
के
मोहल्ले
में
रोशनी
करता
हूँ
तुम
क्या
छीनोगे
यार
मोहब्बत
मेरी
दुश्मनों
से
भी
मेरे
मैं
दिल
लगी
करता
हूँ
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Shashank Shekhar Pathak
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गली
हर
इक
मोहब्बत
की
अँधेरी
हो
नहीं
सकती
सिवा
मज़हब
के
मजबूरी
तो
तेरी
हो
नहीं
सकती
किया
था
इश्क़
मैंने
जब
तभी
ये
जानता
था
मैं
तू
लड़की
है
'अलीगढ़'
की
तू
मेरी
हो
नहीं
सकती
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Shashank Shekhar Pathak
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ऐसे
बिछड़े
हैं
हम
दोनों
अब
के
मुश्किल
मिल
पाना
है
इक
काग़ज़
की
कश्ती
है
और
पार
दरिया
के
जाना
है
Shashank Shekhar Pathak
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बड़ी
अच्छी
लगी
आदत
तुम्हारी
बदलना
पर
नहीं
फ़ितरत
हमारी
चलाए
तीर
तुमने
दिल
पे
ऐसे
कि
घाइल
हो
गए
जो
थे
शिकारी
कभी
रोया,
कभी
सोया
नहीं
मैं
सितारे
गिन
कभी
रातें
गुज़ारी
बहुत
एहसान
हैं
मुझ
पर
तुम्हारे
बहुत
जल्दी
चुका
दूँगा
उधारी
नहीं
चलता
कभी
जो
दाव
कोई
वही
है
अस्ल
में
असली
जुआरी
मोहब्बत
थी
तभी
तो
चुप
रहा
मैं
मुझे
आती
नहीं
क्या
होशियारी
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Shashank Shekhar Pathak
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किसी
का
गर
सुकूँ
हो
तो
किसी
का
मसअला
हो
तुम
दवा
हो
तुम,
दु'आ
हो
तुम,
मरज़
हो
तुम,
बला
हो
तुम
Shashank Shekhar Pathak
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