naseeb ab ke khushi be-hisaab le aaya | नसीब अब के ख़ुशी बे-हिसाब ले आया

  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
नसीबअबकेख़ुशीबे-हिसाबलेआया
चराग़लेनेगयाआफ़्ताबलेआया
अभीजलाकेउठाहूँपुरानेख़्वाबोंको
वोमेरेवास्तेफिरताज़ाख़्वाबलेआया
फिरआजभावसमुंदरकाआसमानपेथा
फिरआजअपनेलिएमैंसराबलेआया
फ़सुर्दादेखकेउसकोबहुतपशेमाँहूँ
मैंरेगज़ारमेंक्यूँइकगुलाबलेआया
तुझेतोहाँयानहींमेंजवाबदेनाथा
जवाबमेंतूमुकम्मलकिताबलेआया
अभीचलाहीथादिलइकगुनाहकरनेको
किज़ेहनजाकेख़याल-ए-अज़ाबलेआया
  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
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