mujh men kitna zahar hai kaulee bhar kar dekh | मुझ में कितना ज़हर है कौली भर कर देख

  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
मुझमेंकितनाज़हरहैकौलीभरकरदेख
मरनातोलाज़िमहैआजहीमरकरदेख
मेरीमिट्टीकबसेक़ैदहैमुझमेंतू
इकदिनबाहरजाऔरबिखरकरदेख
सोलामंज़िलकौनचढ़ेबतलानेको
नीचेक्याहैअपनेआपउतरकरदेख
रोज़डरातारहताहैतूलोगोंको
अपनेआपसेइकदिनख़ुदभीडरकरदेख
मुझकोपढ़नाआताहैमैंपढ़लूँगा
मेरेदिलपरबनकेनक़्शउभरकरदेख
कोईमुश्किलतल्ख़नहींहैपीनेमें
हरमुश्किलकोआसानीमेंभरकरदेख
मैंआँखोंकोआईनाकरदेताहूँ
उनकेआगेबैठकेआजसँवरकरदेख
  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
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