mujh men se mire jubbaa-o-dastaar nafi kar | मुझ में से मिरे जुब्बा-ओ-दस्तार नफ़ी कर

  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
मुझमेंसेमिरेजुब्बा-ओ-दस्तारनफ़ीकर
रहजाऊँअगरबाक़ीतोतशरीहमिरीकर
सबइल्म-ओ-हुनरभूलकेबचपनमेंचलाजाऊँ
साहब-ए-सहरऐसीकोईजादूगरीकर
दीवारोंसेबटतेहैंख़िरद-मंदोंकेख़ित्ते
तूदश्त-ए-जुनूँमेंयेदीवारखड़ीकर
इकक़ाफ़िलाप्यासोंकागुज़रनाहैयहाँसे
दश्त-ए-बलाअपनेसरापाकोनिरीकर
मैंघरमेंहीपीताहूँमगरयारोंकीख़ातिर
घरसेतिरेमयख़ानेमेंजाताहूँपीकर
इकचाकगरेबाँमेंहैइकचाकहैदिलमें
क्याहोगाफ़क़तचाक-ए-गरेबानकोसीकर
जोज़ुल्मकीरहपरहैंउन्हेंराहसेभटका
अच्छाभीकोईकामतूतीरा-शबीकर
गरकुछभीनहींपासतोमिट्टीसेहीभरले
साहब-ए-ख़ैराततूदामनतहीकर
  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
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