बंददरवाज़ेखुलेरूहमेंदाख़िलहुआमैं
चंदसज्दोंसेतेरीज़ातमेंशामिलहुआमैं
खींचलाईहैमोहब्बततेरेदरपरमुझको
इतनीआसानीसेवर्नाकिसेहासिलहुआमैं
मुद्दतोंआँखेंवज़ूकरतीरहींअश्कोंसे
तबकहींजाकेतेरीदीदकेक़ाबिलहुआमैं
जबतेरेपाँवकीआहटमेरीजानिबआई
सरसेपातकमुझेउसवक़्तलगादिलहुआमैं
जबमैंआयाथाजहाँमेंतोबहुतआलिमथा
जितनीतालीममिलीउतनाहीजाहिलहुआमैं
फूलसेज़ख़्मकीख़ुश्बूसेमोअत्तरग़ज़लें
लुत्फ़देनेलगींऔरदर्दसेग़ाफ़िलहुआमैं
मोजज़ेइश्क़दिखाताहै'सिकंदर'साहब
चोटतोउसकोलगीदेखिएचोटिलहुआमैं