sau tak ginti bees pahaade kaam aa.e | सौ तक गिनती बीस पहाड़े काम आए

  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
सौतकगिनतीबीसपहाड़ेकामआए
सारीदौलतमेंयेसिक्केकामआए
इतनेचेहरेजेबमेंरखेफिरतेथे
वक़्तपड़ेपरकितनेचेहरेकामआए
तेरीअय्याशीथीमेरीमजबूरी
तूनेकपड़ेफेंकेमेरेकामआए
जिनकोछतपरडालदियाथागर्मीमें
सर्दीमेंवोधूपकेटुकड़ेकामआए
आँखोंनेहीइसकोपालापोसाहै
शर्मकेकबयेचिलमनपर्देकामआए
छालोंकेपानीसेआख़िरप्यासबुझी
जंगलमेंजंगलकेतोहफ़ेकामआए
  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy