तमामउम्रकेलम्हातपेशकरतेहुए
ग़ज़लसुनाइएजज़्बातपेशकरतेहुए
कभीकिसीनकिसीराहपरमिलेंगेफिर
हमएकसेहीख़यालातपेशकरतेहुए
तेरीज़ुबानबहुतलड़खड़ारहीहैदोस्त
मेरेख़िलाफ़शिकायातपेशकरतेहुए
मुझेहिसाबसेबाहरकादर्ददेजाओ
शब-ए-फ़िराक़कीसौग़ातपेशकरतेहुए
किसीकोइतनासताओनहींकिकाँपउठे
वोअपनेमाज़ीकेहालातपेशकरते