Zaheer Siddiqui

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Zaheer Siddiqui shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zaheer Siddiqui's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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येघरबहुतअज़ीमथा
येघरबहुतहसीनथा
किउसकेइर्द-गिर्ददूरदूरतक
कोईमकानउससेबढ़केथानहीं
मगरयहाँकाचखअजबरिवाजथा
थेबिन-बुलाएअजनबी
किजिनकाघरपेराजथा
सजेसजाएकमरेउनकेशब-कदे
वोसब्ज़लॉनफूलकीकियारियाँ
वसीअ'सहन-ओ-साइबाँ
थेउनकेवास्तेमगर
ख़ुदअपनेघरमेंअजनबी
मकीनचौखटोंपे
रातेंअपनीकाटतेरहे
सड़कगलीकीख़ाकछानतेरहे
वोबिन-बुलाएअजनबी
गदेलेबिस्तरोंपे
लज़्ज़त-ए-शब-ओ-सहरमेंमस्तमस्तथे
उसीतरहजानेकितनीउम्रकाटनेकेबा'द
रफ़्तारफ़्ता
सख़्त-ओ-सर्दचौखटोंने
नर्म-ओ-गर्मबिस्तरोंकीगुदगुदी
काज़ाइक़ासमझलिया
दिमाग़-ओ-दिलकीख़ुश्कवादियोंमें
आरज़ूकेआबशारगुनगुनाउठे
सियाह-बख़्तरात
शुऊरकेजुनून-ए-शौक़केचराग़जलगए
चराग़सेकईचराग़जलगए
ब-यकज़बान
चौखटोंसेयेमुतालबाहुआ
किअजनबीहमारेघरकोछोड़दें
येघरहमारेख़ून
औरहमारीहड्डियोंसेहै
येबातसुनकेशब-कदेलरज़गए
थीचौंकनेकीबातही
किसाल-ख़ूर्दाअंधीचौखटोंपे
रौशनीकहाँसेगई
गलीकीख़ाक
आसमाँपेअब्रबनकेछागई
कहाँसेज़ेहन-ए-ना-रसामें
बातऐसीगई
वोअजनबी
नवाज़िशोंइनायतोंसे
उनकाजोशसर्दजबकरसके
तोनित-नईसज़ाओंऔरधमकीयों
गलीगलीलहूलहू
सड़कसड़कधुआँधुआँ
मगरजुनून-ए-शौक़कीसदा
ज़मींसेआसमाँ
सज़ाएँसख़्तथींमगर
मुतालबाअज़ीज़था
नवाज़िशेंइनायतें
सज़ाएँऔरधमकियाँ
सदा-ए-हक़जुनून-ए-शौक़दामनोंकीधज्जियाँ
मुक़ाबलाभीख़ूबथा
कहाँज़मीन-ए-हिर्स
औरकहाँजुनूँकाआसमाँ
मआल-ए-कश्मकशवहीहुआ
जोहोनाचाहिए
वोअजनबीचलेगए
मकीनअपनेघरकोपाके
अपनेघरकोपाके
अपनेघरमेंगए
वोघरकेजिसकेवास्ते
लगादीअपनीजानभी
जोमिलगयातोयूँँहुआ
किजैसेकुछनहींहुआ
अजीबमाजराहैअब
जुनून-ए-इश्क़नेचराग़-ए-आरज़ूजलाएथे
उसीकीतेज़लौसेयेमकीन
अपनेघरकोशौक़सेजलारहेहैं
सब्ज़लॉनमेंक्यारियोंकेफूल
अपनेपाँवसेकुछरहेहैं
साएबानकेसुतूनढारहेहैं
अल-ग़रज़
जोआजघरकाहालहै
हमारेपासलफ़्ज़हीनहीं
किहमबयाँकरें
जोसचकहोतोआजभी
येघरबहुतहसीनहै
मकीनहीअजीबहैं
बड़ेहीबद-नसीबहैं
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वैसेउसतारीकजंगलकेसफ़रकेक़ब्लभी
हाथमेंउसके
यहीइकटिमटिमाताकाँपतानन्हादियाथा
कुछतोशोहरतकीहवसने
औरकुछअहमक़बही-ख़्वाहोंने
इसकीसादा-लौहीकोसज़ादी
उसकेतिफ़्लानाइरादाकोहवादी
लाकेसरहदपरख़ुदा-हाफ़िज़कहा
उसकेख़िज़ाब-आलूदासरकोयेसआ'दतदी
धुआँखाईहुई
बद-रंगदस्तार-ए-क़यादतदी
तोवोसीनाफुलाए
अपनीदस्तार-ए-क़यामतकोसँभाले
काँपतेनन्हेदिएको
एकमशअ'लकीतरहऊँचाउठाए
चलपड़ाथा
ग़ालिबनवोदो-क़दमहीजासकाहोगा
किपीलीआँधियोंने
दस्त-ए-लर्ज़ांमेंलरज़तेउसदिएको
नज़्अ'कीहिचकीअताकी
उसपेतेरा
छीनलीदस्तारउसकी
उसनेआग़ाज़-ए-सफ़रकीसारीख़ुश-फ़हमी
बिखरतीदेखकर
जबलौटनाचाहा
तोयेमुमकिननहींथा
हरतरफ़तारीकियाँथीं
दफ़अ'तनकुछदूरपीछे
उसनेदेखा
आसमाँसेबातकरतीधूलकीदीवार
बढ़तीरहीहै
औरकुछक़ुर्बतहुईतोउसनेदेखा
वोकईथे
उनकेहाथोंमेंभड़कतीमिशअलेंथीं
कासा-ए-नमनाकसेउसने
ग़रज़कीगंदगी
जोउसकोफ़ितरतमेंमिलीथी
पोंछडाली
औरफ़ौरनग़ाज़ा-ए-मासूम
येउसकीआदतबनचुकीथी
अपनेचेहरेपरचढ़ाया
एकहीमक़्सदथाया'नी
धूलउड़ातेक़ाफ़िलेसे
एकमशअ'ललेसकेवो
ग़ाज़ा-ए-मासूमियतफिरकामआया
क़ाफ़िलावालोंनेउसको
एकमशअ'लदेके
अपनेसाथचलनेकोकहा
लेकिनकहाँतक
वोनिहायततेज़-रौऔरयक-क़दमथे
उसकेनाज़पावँ
सूखीहड्डियोंकेज़ोरपरक्यासाथदेते
एकक़दमयादो-क़दम
फिरथकगयावो
रफ़्तारफ़्ता
उसकीवोमाँगीहुईमशअ'ल
ख़ुदअपनेरंग-ओ-रोग़नखारहीथी
अबफ़क़तभेंचीहुईमोहतातमुट्ठीमें
अँधेरेकीछड़ीथी
बाद-ओ-बाराँतेज़तूफ़ाँ
ज़ेहन-ए-तिफ़्लकमेंसफ़रकेक़ब्ल
उनदुश्वारियोंका
एकहल्कासातसव्वुरभीनहींथा
अबजोयेबर-अक्ससूरतहोगईथी
रोपड़ावो
उसकीपस्पाईमेंलेकिनहौसलाथा
दामन-ए-उम्मीदअबभीहाथमेंथा
दफ़अ'तनउसनेयेदेखा
धुँदलीगहरीरौशनियोंकेकईहालोंमें
कुछबढ़तेक़दमनज़दीकहोतेजारहेथे
उनकेहोंटोंसेख़मोशीछिनरहीथी
सुस्त-रौथे
फिरभीउनकीचालमेंइकतमकनतथी
उसनेसोचा
उननएलोगोंकीतरहतेज़नहींहै
उनकीहमराहीमें
क़दमोंकीनक़ाहतबे-असरहै
औरमंज़िलएकसई-ए-मुख़्तसरहै
इकनईउम्मीदलेकर
पुश्तपरमुर्दादिएतारीकमशअ'लकोछुपाकर
गुफ़्तुगूमेंमस्लहतआमेज़नर्मीघोलकर
उसनेनएलोगोंसेइकमशअ'लतलबकी
उफ़वोकैसाक़ाफ़िलाथा
किसतिलस्मातीजहाँकेलोगथेवो
इसक़दरतारीकराहोंमें
बड़ीहीतमकनतसेचलरहेथे
औरहाथोंमेंकोईमशअ'लनहींथी
रौशनीथी
उनकीआँखोंकेदरीचोंसेउतरकर
अपनेक़दमोंसेलिपटकरचलनेवाली
अपनीअपनीरौशनीथी
उसनेसोचा
उनकेक़दमोंसेलिपटकरचलनेवाली
धीमीधीमीरौशनीकेअक्स
क्याउसकेलिएकाफ़ीनहींहैं
आजभीवो
पुश्तपरमुर्दादियातारीकमशअ'लकोछुपाए
उननएलोगोंकेपीछे
उनकेक़दमोंमेंलरज़तीरौशनियोंकेसहारे
ठोकरेंखातासँभलतासोचताहै
रौशनीतोख़ारिजीशयहै
दियाहै
याभड़कतीमिशअलेंहैं
आख़िरशयेरौशनी
उनअजनबीलोगोंकीआँखोंसेउतरकर
उनकेक़दमोंसेलिपटकर
चलनेवालीरौशनीकैसीहै
कैसीरौशनीहै
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Zaheer Siddiqui
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ग़ैरतहैकिहया
नामउसकालियाजिसकोपुकाराउसने
उसगईरातकेसन्नाटेमेंकौनआयाहै
बंददरवाज़ेकेमजसमेंतोसीताहीहै
औरबाहर
कोईरावनतोनहीं
कौनहैकौनकीसहमीसीसदा
वोभीकुछकहसकामैंकेसिवा
दस्तकेंरामकेमख़्सूसज़बाँरखतीहैं
गोश-ए-सीताकेलिएमुज़्दा-ए-जाँरखतीहैं
बल्बरौशनहुआऔरचापक़दमकीउभरी
चूड़ियाँबोलउठीं
उँगलियाँकाठकीमिज़राबपेफिररेंगगईं
दोनोंपटख़्वाबसेचौंकेतोमअ'नचीख़उठे
एकहंगामाहुआरातकाअफ़्सूँटूटा
मुंतज़रसाया-ए-ख़जालतकेधुआँसेउभरा
रातकाफ़ीहुईतुमजागरहीहोअबतक
आजफिरदेरहुई
असलमेंआजअजबबातहुई
ठीकहैठीककोईबातनहीं
मुंतज़िरशाख़जोलचकीतोकईफूलझड़े
आपमुँहहाथतोधोलेंपहले
औरमिंटोंमेंमैंसालकोज़रागर्मकरूँँ
प्यारकीआगभीरौशनहुईस्टोवकेसाथ
दश्त-ए-तन्हाईकेइफ़रीतबहुतदूरहुए
वसवसेजितनेथेदिलमेंसभीकाफ़ूरहुए
हरकतऔरहरारतमेंमगनदोनोंबदन
येकिरायाकामकाँहैकिमोहब्बतकाचमन
एकएकलुक़्मापेहोतीहैंनिगाहेंदो-चार
एकएकजुरएमेंमहलूलतबस्सुमकीबहार
मुज़्तरिबदिलमेंमुनव्वरहैंमसर्रतकेचराग़
जानी-पहचानीसीख़ुश्बूमेंहैमसहूर-ए-दिमाग़
आँखोंआँखोंमेंसियहरातकटेगीअबतो
होंटसेहोंटकीसौग़ातबटेगीअबतो
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Zaheer Siddiqui
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अल्लामा-इक़बालकेहुज़ूर
फ़ितरतकाकारोबारतोचलताहैआजभी
महताबबर्ग-ए-गुलपेफिसलताहैआजभी
क़ुदरतनेहमकोदौलत-ए-दुनियाभीकमदी
सय्यालज़र-ए-ज़मींसेउबलताहैआजभी
दुनियामेंरौशनीभीहमारेहीदमसेहै
मशरिक़सेआफ़्ताबनिकलताहैआजभी
परमंज़र-ए-ग़ुरूबबहुतदिल-नशींहैक्यूँँ
मग़रिबकीशामअपनीसहरसहसींहैक्यूँँ
इसकश्मकशमेंदौलत-ए-उक़्बाभीछिनगई
ज़ौक़-ए-जुनूँसेवुसअ'त-ए-सहराभीछिनगई
सहरा-ए-आरज़ूमेंतग-ओ-दौनहींरही
पा-ए-तलबसेवादी-ए-सीनाभीछिनगई
तूनेतोक़र्तबामेंनमाज़ेंभीकींअदा
अपनीजबींसेमस्जिद-ए-अक़्साभीछिनगई
कोहसाररौंदडालेगएखेतहोगए
चट्टानहमज़रूरथेअबरेतहोगए
मंज़िलपेकेलुटगएहमरहबरोंकेसाथ
बीमारभीपड़ेहैंतोचारागरोंकेसाथ
ग़ुर्बत-कदेमेंकाशउतरआएकहकशाँ
आँखेंफ़लककीसम्तहैंबोझलसरोंकेसाथ
उड़नामुहाललौटकेआनाभीहैवबाल
ज़ख़्मीदु'आख़लामेंहैटूटेपरोंकेसाथ
इसरज़्म-ए-ख़ैर-ओ-शरमेंहुआकौनसुरख़-रू
ज़र्ब-ए-कलीमकुंदहैफ़िरऔनसुर्ख़-रू
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Zaheer Siddiqui
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आओजाओक़रीबआओ
किकुछबातबने
इतनीदूरीहैकिआवाज़पहुँचतीहीनहीं
मैंकिसीग़ैरज़बाँकेअल्फ़ाज़
अपनेअशआ'रमेंशामिलतोनहींकरताहूँ
दुखतोइसबातकाहैतुमयेसमझतेहीनहीं
मेरेसीनेमेंमचलताहै
तुम्हारादुखभी
मेरेअल्फ़ाज़मेंशामिलहैतुम्हारीआवाज़
मेरेजज़्बातमेंख़ुफ़्ताहैं
तुम्हारेजज़्बात
मैंजोअदपरहूँतोबसएकहीमक़्सदहैमिरा
फ़र्शसेअर्शकाकुछराब्ताबाक़ीतोरहे
मैंहूँजिसज़ीनेपे
तुमउसपेनहींसकते
औरमैंनीचेबहुतनीचेनहींजासकता
येतफ़ावुततोअज़लहीसेहैक़ाएम
लेकिन
तुमकभीइतनेगराँगोशथे
सीढ़ियाँजितनीभीऊपरजाएँ
पाँवतोउनकेज़मींसेहीलगेरहतेहैं
इकज़राक़ुर्ब-ए-समाअ'तकेलिए
कितनेहीज़ीनेमैंउतराहूँतुम्हारीख़ातिर
झाड़करअपनेबंदकीमिट्टी
चंदज़ीनेहीसही
तुमभीतोऊपरआओ
औरनीचेउतारोमिरेसामेअ'मुझको
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Zaheer Siddiqui
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वोइकशय
किजिसकेलिएपाकतीनतबुज़ुर्गोंने
अपनेबदनज़ेहनकेसारेजौहरगँवाए
लहूकेगुहर
ख़ार-ज़ारोंकीपहनाइयोंमेंलुटाए
वोइकशय
जिसेउनजियालेबुज़ुर्गोंनेजेब-ओ-गरेबाँ
दिल-ओ-जाँसेभीबढ़केसमझा
जोहासिलहुईतो
अभीबाम-ओ-दरसेसियह-रातलिपटीहुईथी
सफ़रकीथकनया
गिराँ-बारीउम्रने
उनकेआ'साबकोमुज़्महिलकरदियाथा
उन्होंनेयेसोचा
ख़ुदाजानेसूरजनिकलनेतलकक्यासेक्याहो
हसींबे-बहाशयकेहक़दार
उनकेजवाँ-सालबच्चेहैं
उसकीहिफ़ाज़तवहीकरसकेंगे
जवाँ-सालबच्चे
अभीबिस्तर-ए-इस्तिराहतपेसोएहुएथे
जगाएगए
सुब्ह-ए-काज़िबकीधुंदलाहटोंमें
चमकतीहुईवोहसींशय
विरासतमेंउनकोमिलीथी
मगरसबनेदेखाथासूरजनिकलनेपे
उनसुस्त-ओ-चालाकबच्चों
केहाथोंमेंमहफ़ूज़-ओ-क़ीमतीशय
ब-तदरीजअपनीचमकखोरहीथी
तिलिस्म-ए-तसव्वुरनहींयेहक़ीक़तहै
वोबे-बहाशय
किजिसकेलिए
हरसऊबतगवाराहै
मंज़िलनहीं
जुस्तुजूहै
वोइकचीज़जिसपरनिछावर
जियालोंकारौशनलहूहै
फ़क़तरंग-ओ-बूहीनहीं
गुलिस्ताँकीहुमकतीहुईआरज़ूहै
हरइकनफ़अ'जाएज़नुक़सानकेबत्नसेहै
उन्होंनेजोहासिलकियावोज़ियादाथा
औरआख़िरशबकेकुछख़्वाबकोजोगँवाया
वोकमथा
इसीना-तनासुबहुसूल-ओ-ख़साराकारद्द-ए-अमलहै
किमंज़िलकीआग़ोशमेंभी
उन्हेंसुखनहींहै
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राहतारीकथीदुश्वारथाहरएकक़दम
मंज़िल-ए-ज़ीस्तकेहरगामपेठोकरखाई
मशअ'ल-ए-अज़्मलिएफिरभीमेंबढ़ताहीरहा
दर्द-ओ-आलामकीआँधीजोकभीतेज़हुई
दामन-ए-शौक़मेंमशअ'लकोछुपायामैंने
बहरबंदगी-ओ-शो'लगीमशअ'ल-ए-अज़्म
मेरीशिरयानोंकाहरक़तरा-ए-ख़ूँवाक़िफ़हुआ
दामन-ए-शौक़भीजल-बुझकेकहींराखहुआ
औरफिरधुँदलीहुईबुझतीगईमशअ'ल-ए-अज़्म
राहकुछऔरभीतारीकवोसियहहोतीगई
घोरअँधियारेकेइफ़रीतमुझेडसतेरहे
ज़िंदगीअपनीउनहीभूल-भुलय्योंमेंरही
अपनीमंज़िलकामगरमुझकोपतामिलसका
हम-सफ़रऔरभीकुछसाथचलेथेमेरे
उनमेंवोजोश-ए-जुनूँऔरवोअज़्म-ओ-यक़ीं
मस्त-ओ-सरशाररहेबादा-ए-ग़फ़लतपीकर
ख़्वाब-ए-ख़रगोशमेंहरगामपेमदहोशरहे
उनकीमंज़िलनेमगरउनकेक़दमचूमलिए
उनकीउसनुसरत-ए-बे-जापेमुझेरश्कनहीं
आजभीमुझमेंहैवोजोश-ए-जुनूँअज़्म-ओ-यक़ीं
आजभीनाज़हैगोजहद-ओ-अमलपेअपने
मस्लहत-कोशनहींआजभीमासूम-ए-जुनूँ
ख़िज़्रकीबेजाख़ुशामदपेनहींराज़ीहुनूज़
हाँमगरज़ेहनकेपर्देपेउभरतेहैंसवाल
ख़िज़्रकीबेजाख़ुशामदहीमुक़द्दमहैयहाँ
वस्ल-ए-मंज़िलकेलिएपा-ए-जुनूँशर्तनहीं
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वोसाल-ख़ूर्दाचट्टानें
जोआसमाँकोछूतेहुए
बगूलोंकीज़दमेंसाबितरहीहैं
अबरेग-ज़ारमेंमुंतक़िलहुईहैं
हुआकेनाज़ुकख़फ़ीफ़झोंकेपेमुश्तइ'लहैं
उड़ीजोगर्दताक़दमभी
तोअब्रबनकेफ़लकपेछाई
मगरजोसूरजनेआँखमलकेउसेकुरेदा
तोख़ाकहोकरवहींगिरीहै
हुआकेरफ़्तारकबरुकीहै
बहाओदरियाकामुस्तक़िलहै
ख़फ़ीफ़ख़ुनकीहैसल्बहैशबमें
ज़मींमेहवरपेघूमतीहै
अभीभीरहमज़मीनमें
ठोसऔरसय्यालदौलतोंकी
कमीनहींहै
हरएकशयहै
हरएकशयहै
वोवक़्तलेकिन
वोवक़्तफैलाहुआथा
कोहसारोंआबशारों
सुलगतेसहराओं
गहरेफैलेसमुंदरोंमें
अबऊँचीइमारतों
क़हवाख़ानोंबारों
फिसलतीकारोंचमकतीसड़कों
घड़ीकेमहदूदहिंदिसोंमें
सिमटगयाहै
वोजिसकीउँगलीसेचाँदशक़हो
वोजिसकेज़ख़्मीदहनसे
दुश्मनकीफ़ौजपर
रहमतोंकीठंडीफुवारबरसे
वोजिसकीमुट्ठीमें
वोजहाँकीतमामदौलत
तमामसर्वतसिमटगईहो
वोअपनेख़ालीशिकममेंपत्थरकाबोझबाँधे
कहाँहैंइसकेग़ुलाम
आख़िरकहाँहैंइसके
वोनिस्फ़बाक़ीभीमिलचुकाथा
येनिस्फ़हासिलभीछिनचुकाहै
हुसूलकलसहलहीथालेकिन
वोएकमंज़र
फिसलतीकारोंचमकतीसड़कोंकीहाव-हूमें
वोएकमंज़र
ग़ुलामनाक़ानशीनहोऔर
नकेलआक़ाकेहाथमेंहो
कहाँसेआए
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अभीफ़क़ततीनहीबजेहैं
अभीतोउसकीरगोंकीकुछऔररौशनाई
तनीहुईमेज़परपड़े
फ़ाइलोंकेकाग़ज़मेंजज़्बहोगी
ज़रूरतें
उसकेरेग-ज़ार-ए-हयातके
नन्हेनन्हेपौदोंकीआबियारी
किसीकेनाज़ुकउदासहोंटोंपे
मुस्कुराहटकीलाला-कारी
गुदाज़बाँहोंकेनर्महल्क़ेमें
गर्मसाँसोंकीशब-गुज़ारी
ज़रूरतोंकावोइकपुजारी
जोअपनेसारेलहूकेग़ुंचे
मसाफ़तआफ़्ताबके
दससेपाँचतकके
क़बीहलम्होंकेदेवताकेक़दमपे
क़ुर्बानकररहाहै
वोदेवता
जिसनेसाल-हा-सालकीरियाज़त
औरउसकेइल्म-ओ-सलाहियतकेगवाह
इनडिग्रियोंकेअल्फ़ाज़को
जोइससेलिबास-ए-मफ़्हूमचाहतेथे
बरहनगीदी
ज़रूरतें
इसकीनन्हेपौदों
उदासहोंटों
गुदाज़बाँहोंकीरोज़कीहैं
ज़रूरतोंकावोइकपुजारी
लहूकेग़ुंचोंकायेचढ़ावातोरोज़काहै
अभीफ़क़ततीनहीबजेहैं
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औरजबउनकेअज्दादकीसर
ज़मीं
जिसकीआग़ोशमेंवोपले
तंगहोनेलगी
जबउसूलोंकीपाकीज़गी
औरगंदारिवायातमें
जंगहोनेलगी
तोउन्हेंआसमाँसेहिदायतमिली
नेकबंदतुम्हारेलिए
येज़मींएकहै
उससफ़रमेंतुम्हेंरिज़्क़कीफ़िक्रहै
क्याअनाजोंकीगठरीउठाए
चरिन्दोंपरिंदोंकोदेखाकभी
ज़ाद-ए-रह
नेकआ'मालहैं
मेरेअहकामहैं
मौतकाख़ौफ़बे-कारहै
आख़िरीसाँसकेबा'द
सबकोपलटनाहैमेरीतरफ़
तुमफ़क़तजिस्महीतोनहीं
अपनेअंदरसुलगतीहुईरौशनी
केसहारेबढ़ो
एकहीजस्तमें
दस्त-ओ-दरियाकीफैलीहुई
वुसअ'तेंनापलो
चप्पेचप्पेपेअपनेनुक़ूश-ए-क़दम
इसतरहसब्तकरदो
किउनअजनबियोंकीहैरतमिटे
औरपैहमतआ'क़ुबमेंदुश्मनजोहैं
उनकीख़िफ़्फ़तबढ़े
मेरेअहकामकीरौशनी
सबकेदिलमेंउतारो
किऐवान-ए-तसलीसमें
शम-ए-वहदतजले
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इसराईलमिस्रजंगमेंकर्नलनासिरकेनारे
हमबेटेफ़िरऔनकेसेमुतअस्सिरहोकर
यहीवोकोहसारहैंजहाँ
मुश्त-ए-ख़ाकनूर-आश्नाहुईथी
यहीवोज़र्रात-ए-रेगहैं
जोकिसीकेबेताबवालिहानाक़दम
कीठोकरसे
कहकशाँकहकशाँहुएथे
यहीवोपथरीलीवादियाँहैं
किजिनकीआग़ोश-ए-ख़ुश्कमें
दोधड़कतेमा'सूमदिलमिलेथे
औरआजहर-सू
हैदूद-ए-बारूदकीरिदा
जिसमेंहरकिरनरौशनीकी
मादूमहोगईहै
उजाड़संगीनवादियोंमें
हवसकाइफ़रीत
गोसफ़ंदान-ए-अर्ज़-ए-मदयनको
खागयाहै
कोईबिंत-ए-शुऐबहै
औररहरव-ए-तिश्नाहीहैकोई
कुएँकेपासमें
जौहरीज़हरघुलगयाहै
तजल्ली-ए-लम-यज़लकहाँकी
येतेज़संगीनोंकीचमकहै
कलीमहीजबनहींहैकोई
कलामकैसा
मुहीबतोपोंकीयेधमकहै
किसीकेमा'सूमवालिहानाक़दमकी
येकहकशाँनहींहै
येरेग-हा-ए-ज़मीनहीहैं
जोआहनीअसलहोंकीआतिशमेंतपगएहैं
सवाद-ए-साहिल
असा-ब-दस्तअबनहींहैकोई
तोमो'जिज़ाक्यातिलिस्मकैसा
येसत्ह-ए-दरया-ए-नीलगुल-गूजोहोगईहै
असाकाए'जाज़तोनहीं
येरिदा-ए-ख़ूँहैरिदा-ए-ख़ूँहै
येख़ूनकिसकाहै
दिल-ए-ज़ूद-रंजतोक्यूँँउदासहै
ख़ैर-ओ-शरकीयेकश्मकशनहींहै
किदोनोंजानिबही
आस्तीन-ए-हवसमें
फ़िरऔनियतकेज़हरीलेअज़दहेहैं
सवाद-ए-साहिल
असा-ब-दस्तअबनहींहैकोई
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