na lazzaton ka bahar tha na khwahishon ki vaadiyaanna daayere azaab ke na zaaviye savaab ke | न लज़्ज़तों का बहर था न ख़्वाहिशों की वादियाँ

  - Zaheer Siddiqui
लज़्ज़तोंकाबहरथाख़्वाहिशोंकीवादियाँ
दाएरेअज़ाबकेज़ाविएसवाबके
बसएकरौशनीअसीर-ए-ज़ातथी
मुहीतकाएनातथीअज़लसेबे-लिबासथी
तोयूँँहुआकिदफ़अ'तन
मिरेबदनकेपैरहनमेंछुपगई
तोलज़्ज़तोंकाबहरमौज-ज़नहुआ
तोख़्वाहिशोंकीवादियाँसुलगगईं
तोदाएरेअज़ाबकेफिसलगए
तोज़ाविएसवाबकेमचलगए
अजीबवाक़िआ'नहीं
मिरेबदनकापैरहनतोलज़्ज़तोंकेतारमेंबुनागया
वोख़्वाहिशोंकेबहरमेंजोमौजमौजबहगया
तोक्याहुआ
येराज़राज़रहगया
वोरौशनीजोक़ब्ल-ए-इर्तिकाबही
मिरेबदनकेपैरहनमेंजागुज़ीँथी
सद-इर्तिकाबक्यूँँहुईनहीं
  - Zaheer Siddiqui
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