allama-iqbaal ke huzoor | अल्लामा-इक़बाल के हुज़ूर

  - Zaheer Siddiqui
अल्लामा-इक़बालकेहुज़ूर
फ़ितरतकाकारोबारतोचलताहैआजभी
महताबबर्ग-ए-गुलपेफिसलताहैआजभी
क़ुदरतनेहमकोदौलत-ए-दुनियाभीकमदी
सय्यालज़र-ए-ज़मींसेउबलताहैआजभी
दुनियामेंरौशनीभीहमारेहीदमसेहै
मशरिक़सेआफ़्ताबनिकलताहैआजभी
परमंज़र-ए-ग़ुरूबबहुतदिल-नशींहैक्यूँँ
मग़रिबकीशामअपनीसहरसहसींहैक्यूँँ
इसकश्मकशमेंदौलत-ए-उक़्बाभीछिनगई
ज़ौक़-ए-जुनूँसेवुसअ'त-ए-सहराभीछिनगई
सहरा-ए-आरज़ूमेंतग-ओ-दौनहींरही
पा-ए-तलबसेवादी-ए-सीनाभीछिनगई
तूनेतोक़र्तबामेंनमाज़ेंभीकींअदा
अपनीजबींसेमस्जिद-ए-अक़्साभीछिनगई
कोहसाररौंदडालेगएखेतहोगए
चट्टानहमज़रूरथेअबरेतहोगए
मंज़िलपेकेलुटगएहमरहबरोंकेसाथ
बीमारभीपड़ेहैंतोचारागरोंकेसाथ
ग़ुर्बत-कदेमेंकाशउतरआएकहकशाँ
आँखेंफ़लककीसम्तहैंबोझलसरोंकेसाथ
उड़नामुहाललौटकेआनाभीहैवबाल
ज़ख़्मीदु'आख़लामेंहैटूटेपरोंकेसाथ
इसरज़्म-ए-ख़ैर-ओ-शरमेंहुआकौनसुरख़-रू
ज़र्ब-ए-कलीमकुंदहैफ़िरऔनसुर्ख़-रू
  - Zaheer Siddiqui
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