वोइकशय
किजिसकेलिएपाकतीनतबुज़ुर्गोंने
अपनेबदनज़ेहनकेसारेजौहरगँवाए
लहूकेगुहर
ख़ार-ज़ारोंकीपहनाइयोंमेंलुटाए
वोइकशय
जिसेउनजियालेबुज़ुर्गोंनेजेब-ओ-गरेबाँ
दिल-ओ-जाँसेभीबढ़केसमझा
जोहासिलहुईतो
अभीबाम-ओ-दरसेसियह-रातलिपटीहुईथी
सफ़रकीथकनया
गिराँ-बारीउम्रने
उनकेआ'साबकोमुज़्महिलकरदियाथा
उन्होंनेयेसोचा
ख़ुदाजानेसूरजनिकलनेतलकक्यासेक्याहो
हसींबे-बहाशयकेहक़दार
उनकेजवाँ-सालबच्चेहैं
उसकीहिफ़ाज़तवहीकरसकेंगे
जवाँ-सालबच्चे
अभीबिस्तर-ए-इस्तिराहतपेसोएहुएथे
जगाएगए
सुब्ह-ए-काज़िबकीधुंदलाहटोंमें
चमकतीहुईवोहसींशय
विरासतमेंउनकोमिलीथी
मगरसबनेदेखाथासूरजनिकलनेपे
उनसुस्त-ओ-चालाकबच्चों
केहाथोंमेंमहफ़ूज़-ओ-क़ीमतीशय
ब-तदरीजअपनीचमकखोरहीथी
तिलिस्म-ए-तसव्वुरनहींयेहक़ीक़तहै
वोबे-बहाशय
किजिसकेलिए
हरसऊबतगवाराहै
मंज़िलनहीं
जुस्तुजूहै
वोइकचीज़जिसपरनिछावर
जियालोंकारौशनलहूहै
फ़क़तरंग-ओ-बूहीनहीं
गुलिस्ताँकीहुमकतीहुईआरज़ूहै
हरइकनफ़अ'जाएज़नुक़सानकेबत्नसेहै
उन्होंनेजोहासिलकियावोज़ियादाथा
औरआख़िरशबकेकुछख़्वाबकोजोगँवाया
वोकमथा
इसीना-तनासुबहुसूल-ओ-ख़साराकारद्द-ए-अमलहै
किमंज़िलकीआग़ोशमेंभी
उन्हेंसुखनहींहै