aur jab un ke ajdaad ki sarzameen | और जब उन के अज्दाद की सर

  - Zaheer Siddiqui
औरजबउनकेअज्दादकीसर
ज़मीं
जिसकीआग़ोशमेंवोपले
तंगहोनेलगी
जबउसूलोंकीपाकीज़गी
औरगंदारिवायातमें
जंगहोनेलगी
तोउन्हेंआसमाँसेहिदायतमिली
नेकबंदतुम्हारेलिए
येज़मींएकहै
उससफ़रमेंतुम्हेंरिज़्क़कीफ़िक्रहै
क्याअनाजोंकीगठरीउठाए
चरिन्दोंपरिंदोंकोदेखाकभी
ज़ाद-ए-रह
नेकआ'मालहैं
मेरेअहकामहैं
मौतकाख़ौफ़बे-कारहै
आख़िरीसाँसकेबा'द
सबकोपलटनाहैमेरीतरफ़
तुमफ़क़तजिस्महीतोनहीं
अपनेअंदरसुलगतीहुईरौशनी
केसहारेबढ़ो
एकहीजस्तमें
दस्त-ओ-दरियाकीफैलीहुई
वुसअ'तेंनापलो
चप्पेचप्पेपेअपनेनुक़ूश-ए-क़दम
इसतरहसब्तकरदो
किउनअजनबियोंकीहैरतमिटे
औरपैहमतआ'क़ुबमेंदुश्मनजोहैं
उनकीख़िफ़्फ़तबढ़े
मेरेअहकामकीरौशनी
सबकेदिलमेंउतारो
किऐवान-ए-तसलीसमें
शम-ए-वहदतजले
  - Zaheer Siddiqui
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