महदूदहैयेवुसअ'त-ए-आलमभीनज़रमें
गुमहोगयाहूँऐसातिरीराहगुज़रमें
मैंकशमकश-ए-दहरसबे-इल्महूँअबतक
तूख़ुदहीबताकौनहैहरचीज़मेंशरमें
दुनियामिरेमेआ'रपेउतरेगीनता-उम्र
येतोहैखिलौनामिरीनम-दीदानज़रमें
अन्क़ाहैज़मानेसेमुसावात-ओ-उख़ुव्वत
औसाफ़-ए-बशरढूँडनेनिकलेहोबशरमें
तख़्ईलमिरीअर्शकारखतीहैतक़द्दुस
हैरिफ़अत-ए-अफ़्लाकमिरीफ़िक्रकेपरमें
लेजाएगातूमुझकोकहाँऐग़म-ए-हस्ती
सायाभीमिरासाथनहींअबतोसफ़रमें
हैनक़्श-ए-कफ़-ए-पातिरामंज़िलकीबशारत
अबक़ाफ़िलेठहरेंगेमिरीराहगुज़रमें
शे'रोंमें'निशात'अपनेवोलाओगेकहाँसे
जोरंगतग़ज़्ज़ुलकाहैनग़्मात-ए-‘जिगर’में