kab havas-kaaron ne duniya ke dahaane dekhe | कब हवस-कारों ने दुनिया के दहाने देखे

  - Daud Nishat
कबहवस-कारोंनेदुनियाकेदहानेदेखे
डूबनेकेजोथेदुनियामेंठिकानेदेखे
अपनेख़लवत-कदा-ए-ग़ममेंरहेअहल-ए-हिजाब
बे-हिजाबीनेतोमहशरकेज़मानेदेखे
सुर्ख़ियाँजिनकीहैंमरकूज़निगाह-ए-आलम
तुमनेवोक़िस्सेपढ़ेहैंजोफ़सानेदेखे
एकहल्कासाभीपरतवनज़रआयातिरा
यूँँतोहमनेभीकईआइना-ख़ानेदेखे
दूरजबहक़्क़-ओ-सदाक़तसेहुएअहल-ए-ख़िरद
हर-नफ़सअपनीतबाहीकेठिकानेदेखे
आजतकउनकीहक़ीक़तखुलीहमपे'नशात'
ख़्वाबहीरहगएजोख़्वाबसुहानेदेखे
  - Daud Nishat
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