vo mira kasrat-e-anwaar se hairaan hona | वो मिरा कसरत-ए-अनवार से हैराँ होना

  - Daud Nishat
वोमिराकसरत-ए-अनवारसेहैराँहोना
हरतरफ़तूर-ब-कफ़उनकानुमायाँहोना
किसक़दरहैतिरीरहमतपेभरोसाया-रब
मुझकोआयागुनाहोंपेपशेमाँहोना
अहल-ए-दिलचलतोदिएहैंदर-ए-जानाँकीतरफ़
किसकीक़िस्मतमेंहैख़ाक-ए-दर-ए-जानाँहोना
उनकेवा'देकीख़ुशीकायेमुकम्मलहैसुबूत
शामसेपहलेमिरेघरमेंचराग़ाँहोना
आदमीचाहेतोकोशिशसेफ़रिश्ताबनजाए
सख़्तदुश्वारहैउसकामगरइंसाँहोना
फ़ैज़येमेरेजुनूँकाहैचमनमेंजारी
ग़ुंचोंनेसीखलियाचाक-गरेबाँहोना
जिसमेंअफ़्सुर्दाहोंग़ुंचेभीबहारेंभी'नशात'
क़ाबिल-ए-फ़ख़्रकहाँउसकागुलिस्ताँहोना
  - Daud Nishat
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