KHvaab men jo kuchh dekh raha hooñ us ka dikh | ख़्वाब में जो कुछ देख रहा हूँ उस का दिखाना मुश्किल है

  - Qamar Jameel
ख़्वाबमेंजोकुछदेखरहाहूँउसकादिखानामुश्किलहै
आईनेमेंफूलखिलाहैहाथलगानामुश्किलहै
उसकेक़दमसेफूलखिलेहैंमैंनेसुनाहैचारतरफ़
वैसेइसवीरान-सरामेंफूलखिलानामुश्किलहै
तन्हाईमेंदिलकासहाराएकहवाकाझोंकाथा
वोभीगयाहैसू-ए-बयाबाँउसकाआनामुश्किलहै
शीशा-गरोंकेघरमेंसुनाहैएकपरीकलआईथी
वैसेख़याल-ओ-ख़्वाबहैंपरियाँउनकाआनामुश्किलहै
  - Qamar Jameel
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