shaikh ke ghar ke saamne aab-e-haraam daal doon | शैख़ के घर के सामने आब-ए-हराम डाल दूँ

  - Qamar Jameel
शैख़केघरकेसामनेआब-ए-हरामडालदूँ
जाम-ओ-सुबूकीआगमेंअपनाकलामडालदूँ
शहरकेइसहुजूममेंजीनेकाहौसलारखूँ
अपनेजुनूँकीआगमेंशहरकीशामडालदूँ
सुब्हसेकुछअजीबग़मदश्तमेंहैंहमारेसाथ
इनकेसरोंपेमैंज़राचादर-ए-शामडालदूँ
बिस्तर-ए-मर्गपरमुझेजीनेकेख़्वाबदेगए
जाऊँउन्हींकेसामनेउनकाकलामडालदूँ
आजशब-ए-विसालहैदेखेंगेआपहिज्रभी
आगजलाकेइश्क़कीइसमेंदवामडालदूँ
  - Qamar Jameel
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