चारक़तरेअश्कोंके,हिस्सेमेंहैं
औरकुछदुखड़ेमेरेविरसेमेंहैं
जबसेतुमनेमुझकोआनेकाकहा
मेरीनज़रेंतबसेहीज़ीनेमेंहैं
फिरबुज़ुर्गोंकीअनाकेवास्ते
ज़हरकीदोशीशियाँखुलनेमेंहैं
लौटकेघरआगएहैंसबमगर
दिलतोबच्चोंकेअभीमेलेमेंहैं
मरहीजाऊँगरइन्हेंतकमीलदूँ
ख़्वाबइतनेआँखोंकेपर्देमेंहैं
सरसेक़र्ज़ाबापकेउतरानहीं
बेटियाँअबदादियाँबननेमेंहैं
मेरालाशारोकलीजेदोघड़ी
यार!मेरेयारअभीरस्तेमेंहैं
औरतोकुछभीनहींअफ़ज़ल,फ़क़त!
सोग,उदासी,रंज-ओ-ग़मक़ासेमेंहैं