aaj sitaare aangan men hain un ko ruksat mat karna | आज सितारे आँगन में हैं उन को रुख़्सत मत करना

  - Qamar Jameel
आजसितारेआँगनमेंहैंउनकोरुख़्सतमतकरना
शामसेमैंभीउलझनमेंहूँतुमभीग़फ़लतमतकरना
हरआँगनमेंदिएजलानाहरआँगनमेंफूलखिलाना
इसबस्तीमेंसबकुछकरनाहमसेमोहब्बतमतकरना
अजनबीमुल्कोंअजनबीलोगोंमेंकरमालूमहुआ
देखनासारेज़ुल्मवतनमेंलेकिनहिजरतमतकरना
उसकीयादमेंदिनभररहनाआँसूरोकेचुपसाधे
फिरभीसबसेबातेंकरनाउसकीशिकायतमतकरना
  - Qamar Jameel
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